Tokay Gecko दुर्लभ प्रजाति की छिपकली को वाइल्ड लाइफ एक्टिविट ने शिकारियों से बचाया, बनती है एचआईवी और सेक्स पावर बढ़ाने की दवाई
एक वरिष्ठ पत्रकार और वन्यजीव कार्यकर्ता जयंत के दास ने हाल ही में एक लुप्तप्राय भूको को बचाया था, जो आमतौर पर असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में पाया जाता है. इस बड़ी छिपकली की हथेली की तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि सरीसृप को अवैध शिकारियों से लड़ने के बाद उनके चंगुल से छुड़ाया गया.
एक वरिष्ठ पत्रकार और वन्यजीव कार्यकर्ता जयंत के दास ने हाल ही में एक लुप्तप्राय टोके गेको को बचाया था, जो आमतौर पर असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में पाया जाता है. इस बड़ी छिपकली की हथेली की तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि सरीसृप को अवैध शिकारियों से लड़ने के बाद उनके चंगुल से छुड़ाया गया. जयंत ने एक ट्वीट में दावा किया है कि शिकारियों ने उन्हें 20 लाख की पेशकश की, लेकिन वह उस जगह से भागने में सफल रहे. आखिरकार वे जेको को वापस जंगल में छोड़ने में कामयाब रहे. जयंत लिखते हैं कि उन्हें पैसे खोने का कोई पछतावा नहीं है और एक सरीसृप को बचाने पर गर्व है. चीन और कोरिया के बाजारों में गेको के दाम बहुत मिलते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि, यह एचआईवी बीमारी ठीक कर सकता है और 80 या 90 वर्ष की आयु के बाद भी सेक्स लाइफ बढ़ा सकता है.
गेको की एक तस्वीर साझा करते हुए, जयंत लिखते हैं, "मेरी हथेली पर सुंदर उंगलियां. अवैध शिकारियों से लड़ने के बाद इस लुप्तप्राय सरीसृप को बचाया. शिकारियों ने मुझे इसके लिए 2 मिलियन INR की पेशकश की. मैंने उनसे मिलने के पहले ही गेको को जंगल में छोड़ दिया. मैंने बहुत ज्यादा पैसे कमाने का मौका छोड़ दिया, लेकिन बहुत खुश हूँ और हमेशा गर्व महसूस करूंगा. प्लीज सपोर्ट करने की कोशिश करें.
देखें तस्वीरें:
Beautiful fingers on my palm.Rescued this endangered reptile after fighting with illegal poachers.Poachers offered me 2 million INR for it.I released in wild before they could meet me.Lost money but happy and proud for ever.Please try to support pic.twitter.com/2wYyP9IZxt
— Jayanta K Das (@jayantakrdas) August 24, 2019
गेको की ज्यादा डिमांड के बारे में प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा, "यह असम और पूर्वोत्तर में पाए जाने वाले लुप्तप्राय टोके गेको की एक प्रजाति है. इन्हें करीब 2 मिलियन अमरीकी डॉलर के दाम में खरीदे जाते हैं. ज्यादातर चीन, कोरिया के अरबपतियों द्वारा ये प्राणी खरीदे जाते हैं. ये लोग मानते हैं कि इसकी जीभ से बनी दवाई से एचआईवी ठीक हो सकता है और यह 80 या 90 साल की उम्र के बाद सेक्स लाइफ को बढ़ाता है."
Beautiful fingers on my palm.Rescued this endangered reptile after fighting with illegal poachers.Poachers offered me 2 million INR for it.I released in wild before they could meet me.Lost money but happy and proud for ever.Please try to support pic.twitter.com/2wYyP9IZxt
— Jayanta K Das (@jayantakrdas) August 24, 2019
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सोशल मीडिया पर ये ट्वीट तेजी से वायरल हो गई, लोगों ने इस जानवर की सुंदरता की बधाई की और जयंता दास के जानवरों के प्रति उनके लगाव की भी तारीफ की. ट्विटर पर लगातार लोग उनकी प्रशंसाएं करने लगे, एक व्यक्ति ने लिखा, बहुत ही अच्छा जेस्चर है, हमें इसी तरह के कार्य करने के लिए और अधिक लोगों की आवश्यकता है." एक अन्य ने लिखा, "सुपर जयंता !! पैसा आपको इस अच्छे काम के लिए उतनी खुशी नहीं देगा, जितनी आपको संतुष्टि मिलेगी, ये आपको जीवन भर खुश रखेगी. इसे बनाए रखें."
गेको एक प्रकार की छिपकली है जो दुनिया भर में गर्म जलवायु में पाई जाती है. वे बड़े पैमाने पर एशिया में पाए जाते हैं और अपने औषधीय मूल्य के लिए जाने जाते हैं. माना जाता है कि सरीसृप अस्थमा, मधुमेह और त्वचा विकारों को ठीक करता है और अंतरराष्ट्रीय पालतू व्यापार बाजार में भी लोकप्रिय है. आजकल, पूर्वोत्तर में गेको ट्रेडिंग काफी आम हो गई है, इन्हें अक्सर म्यांमार ले जाया जाता है और फिर वहां से विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2019 12:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

