Phulera Village Viral Video: पंचायत वेब सीरीज के जरिए जिस ‘फुलेरा’ गांव ने करोड़ों दिलों में जगह बनाई, उसकी हकीकत इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. पंचायत सीरीज में दिखाई देने वाला यह गांव असल में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का महोड़िया गांव है, जो अब फुलेरा ग्राम पंचायत के नाम से मशहूर हो चुका है. सीरीज की शूटिंग के बाद यह गांव एक टूरिस्ट स्पॉट में बदल गया. दर्शक यहां की गलियों में घूमते हैं. पानी की टंकी पर चढ़कर फोटो लेते हैं और वेब सीरीज के किरदारों से जुड़ाव महसूस करते हैं. लेकिन अब इस गांव की तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने आ गया है.
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें देखा जा सकता है कि शूटिंग के बाद गांव की हालत दयनीय हो गई है. सड़कें कीचड़ से भरी हैं, गड्ढों में पानी जमा है और बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है.
बनराकस के प्रधान बनते ही 'फुलेरा' का हाल बेहाल?
बनराकस के प्रधान बनते ही फूरेरा का हाल बेहाल
पूर्व प्रधान पर चापाकल उखाड़ कर ले जाने का आरोप #panchayatseason4 pic.twitter.com/13GaTfkacY
— Ravi Chauhan (@raj_sng) July 7, 2025
भूषण के चुनाव जीतने के बाद फुलेरा के हालात
बनराकस (भूषण) के चुनाव जीतने के बाद फुलेरा के हालात..#YeThikkarDikhao #बिहार #panchayatseason4 @ChapraZila @iamAshwiniyadav @khurpenchh pic.twitter.com/VHBXr3vRwx
— हम बिनोद बिनोद (@vermav618) July 7, 2025
बनराकस ने तो फुलेरा का सत्यानाश कर दिया
बनराकस ने तो फुलेरा का सत्यानाश कर दिया। pic.twitter.com/Wt2XPGoczU
— Aaris (@aaris_786) July 7, 2025
'कैमरे पर विकास दिखा, लेकिन...'
'फुलेरा' इस हालात पर लोग तंज कस रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “कैमरे पर विकास दिखा, लेकिन असल में बस कीचड़ है.” तो वहीं दूसरे ने पंचायत के किरदार को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा, “बनराकस के चुनाव जीतने के बाद गांव का यही हाल होना था.” एक अन्य ने लिखा, ''बनराकस के प्रधान बनते ही फूरेरा का हाल बेहाल. पूर्व प्रधान पर चापाकल उखाड़ कर ले जाने का आरोप.''
गांव के लोगों का भी कहना है कि वेब सीरीज की शूटिंग तो बढ़िया थी, लेकिन उसके बाद से किसी ने गांव की सुध नहीं ली. जिन सड़कों पर कैमरा घूमा, अब वहां कीचड़ से भरे गड्ढे हैं.
क्या रोशनी सिर्फ कैमरे के सामने होती है?
पंचायत वेब सीरीज ने भारतीय ग्रामीण जीवन की सच्चाई और सादगी को जिस ईमानदारी से दिखाया है, उसने इसे हर घर में लोकप्रिय बना दिया है. लेकिन अब असली फुलेरा की हालत देखकर लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं – क्या कैमरे की रोशनी के बाद अंधेरा ही रह जाता है? ये मामला सिर्फ एक गांव की हालत नहीं, बल्कि उस व्यापक सच्चाई की झलक है जिसमें देशभर के कई गांवों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है.
वेब सीरीज ने भले ही फुलेरा को एक पहचान दी हो, लेकिन अब वक्त है असली फुलेरा को भी वह सुविधाएं देने का, जिनका सपना वेब सीरीज में दिखाया गया था.













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