Vivah Shubh Muhurat 2022: नवंबर-दिसंबर में कुछ ही दिन बजेंगी शहनाइयां! ज्योतिषाचार्य से जानें शुभ मुहूर्तों का क्यों है अकाल?
ज्योतिषाचार्य श्री सुनील दवे के अनुसार इस बार देवउठनी एकादशी से ही मांगलिक या शुभ कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे, क्योंकि इस बार काफी समय तक शुक्र अस्त रहेंगे, जिसे शुकवा डूबना भी कहते हैं, और इसके साथ पंचक काल भी लग रहा है. इन दोनों ही स्थितियों में हिंदू धर्म के मानने वाले किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं करते.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में लीन हो जाते हैं. इस दिन से अगले चार माह तक हिंदू घरों में न शहनाइयां बजती हैं और ना ही किसी प्रकार के मांगलिक कार्य होते हैं. ये 4 माह चातुर्मास के नाम से जाने जाते हैं. 4 नवंबर 2022 को देव उठनी एकादशी और अगले दिन तुलसी-शालिग्राम विवाहोत्सव के बाद घरों में विवाह की तैयारियां शुरू हो जाएंगी. चूंकि सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य शुभ मुहूर्त के अनुरूप ही किये जाते हैं, ताकि वैवाहिक कार्यक्रमों में किसी तरह के विघ्न नहीं आने पायें, इसके अलावा 15 दिसंबर 2022 से खरमास लग जायेगा, ऐसे में सभी अपने-अपने पुरोहितों से विवाह योग्य शुभ मुहूर्त निकलवा रहे हैं. आपकी मदद के लिए हमारे ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील दवे यहां नवंबर और दिसंबर माह के विवाह योग्य शुभ मुहूर्त की तिथियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं. यह भी पढ़ें: तुलसी-शालिग्राम के विवाह का पर्व है तुलसी विवाह, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसका महत्व
देव उठनी के बाद क्यों नहीं हो पा रहे शुभ कार्य?
ज्योतिषाचार्य श्री सुनील दवे के अनुसार इस बार देवउठनी एकादशी से ही मांगलिक या शुभ कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे, क्योंकि इस बार काफी समय तक शुक्र अस्त रहेंगे, जिसे शुकवा डूबना भी कहते हैं, और इसके साथ पंचक काल भी लग रहा है. इन दोनों ही स्थितियों में हिंदू धर्म के मानने वाले किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं करते.
देव उठनी एकादशी के 17 दिन बाद मिल रहा पहला मुहूर्त
इस वर्ष देव उठनी एकादशी के 17 दिन पश्चात शुभ विवाह के अनुकूल शुभ मुहूर्त उपलब्ध हो पा रहे हैं. ज्योतिषियों का मानना है कि देवउठनी के बाद सूर्य की स्थिति विवाह के अनुरूप नहीं बन रहा है. क्योंकि इस दरम्यान सूर्य वृश्चिक राशि नहीं होने के कारण भगवान विष्णु के योग निद्रा से बाहर आने के बाद भी तत्काल विवाह योग मुहूर्त नहीं बन पा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य की स्थिति में विवाह योग्य परिवर्तन 21 नवंबर से शुरू हो रहा है. आइये जानें दिसंबर से खरमास शुरू होने के कारण नवंबर एवं दिसंबर में कब-कब विवाह योग मुहूर्त बन रहे हैं.
नवंबर 2022 में विवाह के मुहूर्त
21 नवंबर 2022, सोमवार तिथि-त्रयोदशी नक्षत्र- स्वाती
24 नवंबर 2022, गुरुवार नक्षत्र- अनुराधा, तिथि-प्रतिपदा
25 नवंबर 2022, शुक्रवार, नक्षत्र- मूल, तिथि-तृतीया
27 नवंबर 2022, रविवार नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा तिथि-पंचमी
दिसंबर 2022 में विवाह के मुहूर्त
01 दिसंबर 2022, गुरुवार
02 दिसंबर 2022, शुक्रवार
07 दिसंबर 2022, बुधवार
08 दिसंबर 2022, गुरुवार
09 दिसंबर 2022, शुक्रवार
14 दिसंबर 2022, बुधवार
15 दिसंबर 2022, गुरुवार
15 दिसंबर से खरमास शुरू होने के बाद एक बार मांगलिक कार्य बाधित होंगे और 15 जनवरी 2023 में पुनः मांगलिक कार्य शुरू होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2022 08:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

