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जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स दोबारा एसपीडी के उम्मीदवार होंगे

जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स अगले चुनाव में भी एसपीडी के उम्मीदवार होंगे.

जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स दोबारा एसपीडी के उम्मीदवार होंगे
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स अगले चुनाव में भी एसपीडी के उम्मीदवार होंगे. रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने उम्मीदवारी की दौड़ से पीछे हट कर शॉल्त्स का रास्ता साफ कर दिया है.25 नवंबर को सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी की बैठक में ओलाफ शॉल्त्स को औपचारिक रूस नामांकित कर दिया जाएगा. जर्मनी में शॉल्त्स की लोकप्रियता काफी घट गई है और उनकी सेंटर-लेफ्ट पार्टी के भीतर भी इस चुनाव में उनकी जगह किसी और को लाने की मांग उठ रही थी. हालांकि गुरुवार देर शाम पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता लार्स क्लिंगबाइल ने कहा,"हम अगले चुनाव अभियान में ओलाफ शॉल्त्स के साथ जाना चाहते हैं."

क्लिंगबाइल ने कहा कि सोमवार, 25 नवंबर को पार्टी के कार्यकारी समिति की बैठक में शॉल्त्स का नामांकन होगा. पार्टी का यह फैसला कई हफ्तों की उहापोह के बाद आया. शॉल्त्स तो अपनी तरफ से नेतृत्व की इच्छा जता चुके थे लेकिन पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या एसपीडी को उन्हें किनारे करके किसी और के नेतृत्व में चुनाव लड़ना चाहिए. सत्ताधारी गठबंधन टूटने की वजह से इस बार जर्मनी में मध्यावधि चुनाव हो रहे हैं, जो अगले साल 23 फरवरी को कराए जा सकते हैं.

बोरिस पिस्टोरियस पीछे हटे

शॉल्त्स का रास्ता साफ हुआ है उनका प्रमुख विकल्प माने जा रहे रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के पीछे हट जाने से. पिस्टोरियस ने जोर दे कर कहा है कि वह पार्टी का शीर्ष पद नहीं चाहते इसके साथ ही उन्होंने शॉल्त्स के प्रति अपना समर्थन जताया है.

पिस्टोरियस ने कहा है, "यह मेरा संप्रभु, निजी और बिल्कुल अपना फैसला है." इसके साथ ही पिस्टोरियस ने यह भी कहा है कि शॉल्त्स, "सही चांसलर उम्मीदवार थे. शॉल्त्स औचित्य और विवेक के साथ खड़े हैं और मौजूदा वैश्विक उठापटक और दुनिया भर में लोकतंत्र पर खतरनाक लोकलुभावन हमलों के दौर में खासतौर से यह बहुत जरूरी है."

पार्टी में उम्मीदवारी को लेकर उहापोह

पिस्टोरियस मौजूदा सरकार के सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में हैं. बीते कुछ हफ्तों से एसपीडी के चांसलर उम्मीदवार को लेकर वह चर्चा के केंद्र में थे. पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा ने काफी जोर पकड़ लिया था. शॉल्त्स 2021 से चांसलर हैं लेकिन सर्वेक्षणों में वह और उनकी पार्टी की स्थिति काफी खराब है. ऐसे में यह कयास लग रहे थे कि पार्टी किसी और उम्मीदवार के साथ चुनाव में उतरेगी.

एसपीडी के कई स्थानीय और राष्ट्रीय नेताओं ने भी हाल के दिनों में पिस्टोरियस के पक्ष में खुल कर बयान दिए थे. हालांकि शॉल्त्स इस बात पर जोर दे रहे थे कि वह फिर से उम्मीदवार होंगे. एसपीडी का नेतृत्व सार्वजनिक रूप से तो उन्हें समर्थन दे रहा था लेकिन पार्टी की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर उन्हें नामांकित नहीं किया गया.

जर्मनी में मध्यावधि चुनाव की नौबत इसलिए आ गई है क्योंकि शॉल्त्स के नेतृत्व वाला तीन पार्टियों का गठबंधन टूट गयाथा. चांसलर के पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टियान लिंडनर को बर्खास्त करने के बाद गठबंधन टूटा.

ओलाफ शॉल्त्स की घटती लोकप्रियता

चांसलर के रूप में वापसी के लिए शॉल्त्स को मजबूत वापसी करनी होगी क्योंकि एसपीडी फिलहाल सर्वेक्षणों में रुढ़िवादी गबंधन सीडीयू/सीएसयू से काफी पीछे चल रही है. यहां तक कि जर्मनी की धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी भी उससे आगे है.

हाल ही में जर्मन अखबार 'बिल्ड' के एक सर्वे में शॉल्त्स को जहां 31.4 फीसदी लोगों ने अपना पसंदीदा राजनेता बताया वहीं पिस्टोरियस के बारे में ऐसी राय रखने वाले लोग 52.8 फीसदी थे.

पिस्टोरियस का कहना है कि वह अपने मौजूदा पोर्टफोलियो के लिए काम करते रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "रक्षा मंत्री के रूप में जो मैं करना चाहता हूं वह मैंने पूरा नहीं किया है, जो कि हमारी सुरक्षा के लिए जरूर होना चाहिए. मैं दूसरे कार्यकाल के इंतजार में हूं."

एनआर/आरपी (डीपीए)

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 22, 2024 03:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).