Saliva as Lube: पोर्न स्टार्स की तरह सेक्स के दौरान ल्यूब के रूप में थूक का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?
अच्छा ल्यूब्रिकेंट सेक्स को आसान और दर्द मुक्त कर देता है. तेल और ग्लिसरीन ड्रायनेस को कम करती हैं और सेक्स के दौरान होनेवाले दर्द से निजात दिलाते हैं. इसके अलावा दुकानों में रेडीमेड केमिकल ल्यूब उपलब्ध हैं, लेकिन ज्यादातर लोग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नारियल तेल या एग व्हाईट का इस्तेमाल करते हैं.
अच्छा ल्यूब्रिकेंट सेक्स को आसान और दर्द मुक्त कर देता है. तेल और ग्लिसरीन ड्रायनेस को कम करती हैं और सेक्स के दौरान होनेवाले दर्द से निजात दिलाते हैं. इसके अलावा दुकानों में रेडीमेड केमिकल ल्यूब उपलब्ध हैं, लेकिन ज्यादातर लोग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नारियल तेल या एग व्हाईट का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी हैं जो XXX पोर्न फिल्मों को कॉपी करते हैं और ल्यूब्रिकेंट की जगह थूक का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन सेक्स में थूक का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसकी वजह से आपको कई खतरनाक इंफेक्शन हो सकते हैं. इसके अलावा दुकानों में मिलनेवाला ल्यूब ड्रायनेस और दर्द को खत्म करने का अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
थूक का उपयोग सेक्स के दौरान ल्यूब के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. क्योंकि पहला कारण ये है कि थूक में इस्तेमाल ले लिए नहीं है और दूसरा ये कि ल्यूब की तरह इसमें चिकनाई नहीं होती है. आइए आपको बताते हैं कुछ गंभीर कारणों के बारे में कि क्यों आपको थूक का उपयोग ल्यूब के रूप में नहीं करना चाहिए.
लार के माध्यम से एसटीआई फैल सकता है:
गले या मुंह में मौजूद किसी भी प्रकार का एसटीआई लार के माध्यम से बड़ी ही आसानी से जननांगों में संक्रमण पहुंचा सकता है. सक्रिय दाद संक्रमण वाला कोई भी व्यक्ति अपनी लार के माध्यम से दाद के वायरस को जननांग में छोड़ सकता है. दाद ही नहीं अन्य प्रकार के एसटीआई, जैसे कि गोनोरिया (Gonorrhoea), क्लैमाइडिया (Chlamydia), एचपीवी (HPV), सिफलिस (syphilis) और ट्राइकोमोनिएसिस (Richomoniasis) आदि के वायरस लार के माध्यम से जननांगों में प्रवेश कर सकते हैं.
वजाइनल इंफेक्शन:
लार की संरचना वजाइनल फ्लूड से अलग होती है. लार में पाचन एंजाइम होते हैं जो भोजन को तोड़ने में मदद करते हैं. इसकी वजह से वजाइना पर क्रॉस इफेक्ट्स हो सकते हैं. मुंह में मौजूद बैक्टीरिया वजाइना में रहने वाले बैक्टेरिया से बिलकुल अलग होते हैं. इसकी वजह से वजाइना का पीएच लेवल और प्राकृतिक माइक्रोबायोम (Natural Microbiome) बाधित हो सकता है. इसकी वजह से बड़ी ही आसानी से yeast infection या बैक्टीरियल vaginosis जैसी बीमारी हो सकती है.
नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसमें दी गई जानकारियों को किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. इस लेख में बताए गए टिप्स पूरी तरह से कारगर होंगे या नहीं इसका हम कोई दावा नहीं करते है, इसलिए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 26, 2019 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

