Anandpur Dham Sex Video: सवालों के घेरे में एमपी का आनंदपुर धाम आश्रम, सेक्स वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल, बचाव में ट्रस्ट ने दी ये सफाई

 Anandpur Dham Sex Video: मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक केंद्रों में से एक, आनंदपुर धाम आश्रम इन दिनों गंभीर विवादों के घेरे में है. श्री आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा संचालित इस आश्रम पर यौन शोषण, मानव तस्करी और वित्तीय भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद से यह संस्थान सार्वजनिक और राजनीतिक जांच के दायरे में आ गया है.

कांग्रेस ने जांच की मांग की

कांग्रेस नेता बैजनाथ सिंह यादव और प्रदीप अहरवाल ने आश्रम परिसर से जुड़े कुछ वीडियो सार्वजनिक होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि ये फुटेज संस्थान के भीतर गहरे स्तर पर हो रहे शोषण का संकेत हैं. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आश्रम में रहने वाली कुछ महिलाओं ने भी इन वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा है कि ये परिसर के भीतर ही रिकॉर्ड किए गए हैं. यह भी पढ़े:  Bollywood Films on Sex Video Leak: सेक्स वीडियो लीक पर आधारित बॉलीवुड फिल्में, विक्की विद्या का वो वाला वीडियो, सजिनी शिंदे का वायरल वीडियो और अन्य

आश्रम समिति की सदस्य का बयान

दूसरी ओर, आश्रम समिति की सदस्य डॉ. ममता मलिक का एक बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने भारतीय संस्कृति के ऋषियों-मुनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि "अगर किसी से कोई चूक हो भी गई, तो उसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखना चाहिए."

आश्रम की तरफ से सफाई

'गुरु गद्दी' और सत्ता का संघर्ष

इस विवाद की एक मुख्य जड़ "गुरु गद्दी" यानी आध्यात्मिक सत्ता को लेकर चल रहा आंतरिक संघर्ष भी माना जा रहा है. यह विवाद साल 2025 के मध्य में तब सार्वजनिक हुआ जब ट्रस्ट ने दो वरिष्ठ महात्माओं को निष्कासित कर दिया था. निष्कासित सदस्यों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें ट्रस्ट की संपत्ति और संसाधनों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से हटाया गया है.

कांग्रेस का आरोप

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्रम दौरे और ट्रस्ट के राजनीतिक रसूख के कारण जांच में देरी हो रही है. इस बीच, भूमि नामांतरण से जुड़ी शिकायतों और प्रशासनिक दबाव के बीच अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को पद से हटा दिया गया है, जिसे इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.

ट्रस्ट की सफाई

श्री आनंदपुर ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. ट्रस्ट का कहना है कि यह उन पूर्व सदस्यों की साजिश है जिन्हें अनुशासनहीनता के कारण बाहर निकाला गया था. फिलहाल, मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है और क्षेत्र में निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो रही है.