शनिवार के दिन लोहा, तेल और नमक घर पर लाना क्यों होता है वर्जित, जानें इससे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं
हिंदू धर्म के आधार पर सप्ताह में एकमात्र शनिवार का दिन है, जब कुछ विशेष चीजों की खरीदारी अथवा उन्हें इस दिन घर पर लाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि लोहा, तेल और नमक इन वस्तुओं की खरीदारी अथवा घर लाने से शनिदेव कुपित हो सकते हैं...
हिंदू धर्म के आधार पर सप्ताह में एकमात्र शनिवार का दिन है, जब कुछ विशेष चीजों की खरीदारी अथवा उन्हें इस दिन घर पर लाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि लोहा, तेल और नमक इन वस्तुओं की खरीदारी अथवा घर लाने से शनिदेव कुपित हो सकते हैं. आखिर क्या वजह है कि शनिवार के दिन शनि देवता को तेल और लोहा का प्रसाद तो चढ़ाया जाता है, लेकिन इन वस्तुओं (प्रसाद छोड़कर) को घर पर लाना प्रतिबंधित होता है. आइए आपको बताते हैं.
शनिवार के दिन पवनपुत्र हनुमान के साथ ही शनिदेव भगवान की भी पूजा-अर्चना का विधान और परंपरा है. शनि देव के बारे में कहा जाता है कि वे बहुत जल्दी कुपित हो जाते हैं और जिसके प्रति उनकी भृकुटि तिरछी होती है, उसके अनिष्ट होने की संभावना बढ़ जाती है. मान्यताओं के आधार पर लोहे से बनी किसी भी वस्तु को घर पर लाने से बचना चाहिए. इन वस्तुओं को घर पर लाना शनिदेव को कुपित करने जैसा हो सकता है. सर्वप्रथम शनिवार के दिन लोहा खरीदने से बचना चाहिए, विशेष कर कैंची अथवा चाकू जैसी वस्तुएं तो हरगिज नहीं खरीदनी चाहिए. कोई दे तो भी नहीं लेनी चाहिए न ही खुद किसी को देना चाहिए. कहते हैं कि इससे घर में तनाव और अशांति का माहौल बनता है. इसके विपरीत इस दिन शनिदेव को लोहे की चीजें प्रसाद स्वरूप चढ़ाने अथवा दान करने से उनकी कृपादृष्टि बन जाती है. इससे किसी भी तरह की परीक्षा में सफलता मिलती है, नुकसान में चल रहा व्यवसाय लाभ देने लगता है और मशीनों आदि से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से भी मुक्ति मिलती है.
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शनिदेव को सरसों का तेल भी चढ़ाया जाता है. लेकिन शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदने अथवा घर लाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन तेल खरीदने से घर में नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होते है. सोचा हुआ कार्य अधूरा रहता है. ज्योतिषियों का भी मानना है कि शनिवार के दिन तेल खरीदने अथवा घर पर लाने से अशुभ होता है, वहीं तमाम रोगों के हमले की संभावना भी रहती है. इसके साथ ही अगर कोई शनिवार के दिन तेल मांगता है तो उससे भी बचना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि सरसों के तेल से बना हलवा आदि खाद्य सामग्री बनाकर कुत्ते को खिलाने से शनि की दशा टलती है.
नमक को ‘भोजन का राजा’ कहा जाता है. इसके बिना भोजन बेस्वाद हो जाता है. अगर आप चाहते हैं कि आप स्वादिष्ट भोजन का निरंतर जायका लें तो पर्याप्त मात्रा में नमक की व्यवस्था पहले से करके रखें, ताकि शनिवार को नमक खरीदने एवं उससे उत्पन्न दोषों से बच सकें. मान्यता है कि अगर शनिवार के दिन नमक खरीदा या किसी से मांगा अथवा दिया जाए तो शनि भगवान की नाराजगी के शिकार आप बन सकते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन नमक खरीदने से घर में रोग के साथ कर्ज का भी बोझ चढ़ता है.
नोटः उपरोक्त सारी बातें मान्यताओं पर आधारित हैं. ऐसा करना या न करना आपके विश्वास और आपके मानने न मानने पर निर्भर करता है. इन सब बातों से कोई दोष उत्पन्न होता है अथवा लाभ विशेष होता है, इसका हम दावा नहीं करते.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2019 09:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

