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Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2025: ज्योतिबा फुले को ‘महात्मा’ क्यों कहते हैं? जानें उनकी हत्या करने आये युवक कैसे शिष्य बन गये! जानें ऐसे कुछ रोचक प्रसंग!

प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती मनाई जाती है. भारतीय इतिहास के पन्नों में ज्योतिराव फुले का नाम एक महान समाज सुधारक, शिक्षाविद्, लेखक और दार्शनिक के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन महिलाओं, दलितों एवं शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष में गुजार दिया.

Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2025: ज्योतिबा फुले को ‘महात्मा’ क्यों कहते हैं? जानें उनकी हत्या करने आये युवक कैसे शिष्य बन गये! जानें ऐसे कुछ रोचक प्रसंग!

प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती मनाई जाती है. भारतीय इतिहास के पन्नों में ज्योतिराव फुले का नाम एक महान समाज सुधारक, शिक्षाविद्, लेखक और दार्शनिक के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन महिलाओं, दलितों एवं शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष में गुजार दिया. उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के सहयोग एवं समर्पण से पुणे (महाराष्ट्र) में देश का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया, जिसके बाद ही महिला शिक्षा को नई दशा-दिशा प्राप्त हुआ. आम समाज हेतु कल्याणकारी योगदानों के कारण साल 1888 में उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. महात्मा फुले की जयंती (11 अप्रैल 2025) के अवसर पर आइये बात करते हैं, उनके जीवन के दिलचस्प पहलुओं के बारे में...

कौन हैं ज्योतिराव फुले

ज्योतिराव फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को कटगुन (सतारा, महाराष्ट्र) में एक माली परिवार (पिता गोविंद राव, माँ चिमनाबाई) के घर हुआ था. ज्योतिराव 1 वर्ष के थे, उनकी मां का निधन हो गया. उनका पालन-पोषण मौसी सुगना बाई क्षीरसागर की छत्रसाय में हुआ. निम्न जाति का होकर भी उन्हें इस पर गर्व था. वे दिन में खेती का कार्य करते और रात में पढ़ते थे. उन्होंने पूना के एक मिशन स्कूल में शिक्षा हासिल की. वह मेधावी छात्र थे. साल 1848 में 21 वर्ष की आयु से उन्होंने समाज सुधारक के रूप में कार्य शुरू किया. निचली जाति के नेताओं में ज्योतिराव फुले सबसे मुखर और सक्रिय नेताओं में एक थे. 1840 में 10 वर्षीया सावित्रीबाई का विवाह 13 वर्षीय ज्योतिराव से कर दिया गया. दोनों ने मिलकर देश में पहला बालिका विद्यालय खोला. साल 1890 में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. यह भी पढ़ें : Mahavir Jayanti 2025 Greetings: महावीर जयंती के इन मनमोहक WhatsApp Status, GIF Images, HD Wallpapers के जरिए प्रियजनों को दें बधाई

ज्योतिराव फुले: भारतीय जाति समाज की आलोचना

ज्योतिराव फुले ने अछूतों और महिलाओं के उत्थान हेतु काफी कार्य किये. उनके अनुसार अछूत और महिलाएं ब्राह्मण संस्कृति में सबसे निचले दर्जे के थे.

* बढ़ती उम्र के साथ भारतीय जाति समाज में व्याप्त अन्याय के खिलाफ उनके विचार विकसित होने लगे.

* उन्होंने ब्राह्मणों द्वारा कथित श्रेष्ठता के दावों की आलोचना की.

* उनका दावा था कि आर्य बाहर से आए थे. आर्यों ने भारतीय बच्चों को अपने अधीन कर उन्हें पराजित किया. उनके अनुसार ये पराधीन लोग पहले से यहां रहते थे.

* फुले के अनुसार पराजित आबादी को आर्यों द्वारा निम्न जाति और हीन माना जाता था.

* महात्मा फुले के अनुसार, आर्यों से पूर्व मराठा ग्रामीण इलाकों पर किसानों का निष्पक्ष और न्यायपूर्ण शासन था. इसे स्वर्ण युग माना जाता था.

* ज्योतिराव के अनुसार बाल गंगाधर तिलक जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने आर्य काल की महिमा पर जोर दिया.

महात्मा फुले के जीवन के रोचक प्रसंग

* फुले का परिवार पीढ़ियों से माली का कार्य करता था. वे सातारा से फूल लाकर पुणे में फूलों के गजरे बनाकर बेचते थे, तभी से उनका सरनेम फुले पड़ गया.

* उन दिनों स्त्री-शिक्षा के प्रति लोग उदासीन थे. ज्योतिबा ने स्त्री-शिक्षा के साथ-साथ, बाल-विवाह, सती प्रथा आदि के विरोध सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर तमाम आंदोलन चलाए.

* ज्योतिबा ने महाराष्ट्र में महिला शिक्षा एवं अछूतोद्धार का काम आरंभ किया था. उन्होंने पुणे में दलितों एवं बालिकाओं के लिए देश का पहला बालिका विद्यालय खोला.

* उन्होंने किसान और मजदूरों के अधिकारों के लिए भी उन्हें संगठित करने के प्रयास स्वरूप अछूतोद्धार हेतु सत्यशोधक समाज स्थापित किया.

* दलित समाज के उद्धार हेतु ज्योतिबा द्वारा जारी आंदोलनों के खिलाफ किसी ने रोडे और धोंडीराम नामदेव नामक युवकों को उनकी हत्या की सुपारी स्वरूप एक-एक हजार रुपये का लालच दिया. कहते हैं कि वह महात्मा फुले के करीब पहुंच कर उनसे इतने प्रभावित हुए कि उनके शिष्य बन गये.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2025 02:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).