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International Sex Workers' Day 2024: 2 जून को क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस? जानें इसका इतिहास, उद्देश्य एवं भारत में वेश्याओं पर प्रतिबंधित बातें?

प्रत्येक वर्ष 2 जून को अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस, मनाया जाता है. यह दिन सेक्स वर्कर्स के अधिकारों, उनके प्रति सम्मान एवं सहानुभूति बढ़ाने हेतु समर्पित है.

International Sex Workers' Day 2024: 2 जून को क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस? जानें इसका इतिहास, उद्देश्य एवं भारत में वेश्याओं पर प्रतिबंधित बातें?
International Sex Workers' Day 2024

प्रत्येक वर्ष 2 जून को अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस, मनाया जाता है. यह दिन सेक्स वर्कर्स के अधिकारों, उनके प्रति सम्मान एवं सहानुभूति बढ़ाने हेतु समर्पित है. इसका उद्देश्य उनके पेशे की परवाह किये बिना उनके खिलाफ होने वाले भेदभाव, हिंसा और अन्याय के खिलाफ जागरूकता लाना है, और अन्य पेशेवरों की तरह उन्हें भी समाज का हिस्सा मानना है. ग्लोबल नेटवर्क ऑफ सेक्स प्रोजेक्ट्स (NSWP) के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस 2024 की थीम हमेशा की तरह 'न्याय तक पहुंच' है. इस संगठन का मुख्य लक्ष्य सभी यौनकर्मियों के लिए अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास करना है. अंतर्राष्ट्रीय सेक्स वर्कर्स दिवस (2 जून 2024) के अवसर पर आइये जानते हैं इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में...

अंतर्राष्ट्रीय सेक्सवर्कर्स दिवस का इतिहास

2 जून, 1975 को 100 सेक्सवर्कर्स ल्योन (फ्रांस) स्थित सेंट-निज़ियर चर्च में एकत्र हुए. उनकी मांग थी कि चर्च में रहनेवाले सेक्सवर्कर्स पर पुलिस उत्पीड़न समाप्त हो, वे होटल्स पुनः खोले जाएं, जहां वे काम करते थे, तथा उनकी हत्याओं की न्यायिक जांच कराई जाए. उन्होंने स्टीपल पर एक बैनर लटकाया, जिस पर लिखा था, 'हमारे बच्चे नहीं चाहते कि उनकी मां जेल जाएं'. उनके 8 दिवसीय इस आंदोलन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कराया. फ्रांसीसी पुलिस ने उनकी मांगों को नजरअंदाज करते हुए उन्हें और कठोर दंड देने की धमकी दी. लेकिन तब तक सेक्सवर्कर्स के इस आंदोलन की चिंगारी यूरोप और ब्रिटेन में फैल चुकी थी. अंततः ग्लोबल नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्क प्रोजेक्ट (NSWP) का गठन हुआ, जिसके तहत हर वर्ष 2 जून को अंतर्राष्ट्रीय सेक्सवर्कर्स दिवस मनाने का फैसला किया. NSWP संगठन यौनकर्मियों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों की वकालत करता है. यह भी पढ़ें : National Sex Day 2024: कब है राष्ट्रीय सेक्स दिवस? जानें सेक्स से संबंधित कुछ चौंकानेवाले तथ्य!

अंतर्राष्ट्रीय सेक्सवर्कर्स दिवस का उद्देश्य

अंतर्राष्ट्रीय सेक्सवर्कर्स दिवस मनाने के मुख्य उद्देश्य को कुछ प्वाइंट्स से दर्शाया जा सकता है.

मानवाधिकारों की सुरक्षा: सेक्सवर्कर्स के मानवाधिकारों की सुरक्षा और उनके खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को समाप्त करना.

स्वास्थ्य सेवाएं: सेक्सवर्कर्स के स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करना.

कानूनी सुरक्षा: सेक्सवर्कर्स के लिए न्यायिक प्रणाली में सुधार और कानूनी सुरक्षा प्रदान करना.

सामाजिक स्वीकृति: सेक्सवर्कर्स के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण लाना और समानता का अधिकार दिलाना.

भारत में वेश्यावृत्ति

भारत में वेश्यावृत्ति कानून वैध है, लेकिन वेश्याओं की कुछ गतिविधियों, मसलन फुटपाथ पर खड़े होकर अनुरोध करने, खुले में वेश्यावृत्ति करने, वेश्यालय का मालिक होने या प्रबंधन करने, होटल में वेश्यावृत्ति, बाल वेश्यावृत्ति, दलाली, और टेंडरिंग आदि पर कानूनन प्रतिबंध है. मुंबई, दिल्ली, चेन्नई कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में अवैध देह व्यापार खूब चल रहे हैं. एचआईवी तथा एड्स पर संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम के संयोजकों का अनुमान है कि साल 2016 तक भारत में छ लाख 57 हजार 829 वेश्याएं सक्रिय थीं. 2021 तक यह संख्या आठ लाख 68 हजार पहुंच गई.

भारत को दुनिया के सबसे बड़े वाणिज्यिक सेक्स उद्योग में से एक माना जाता है. यह यौन पर्यटन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में जाना जाता है, जो धनी देशों के पर्यटकों को आकर्षित करता है. भारत में सेक्स उद्योग बहु-अरब डॉलर का, और सबसे तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में एक है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2024 09:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).