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कोरोना वायरस महामारी के दौरान क्यों जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग? जानें इस संकट की घड़ी में पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखने के फायदे

कोविड-19 के बढ़ते मामलों का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग को गंभीरता से लेने के बजाय इसकी अनदेखी कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने और इसे प्रसार को रोकने के लिए निश्चित सामाजिक दूरी को बनाए रखना बेहद जरूरी है. सोशल डिस्टेंसिंग के कई फायदे भी हैं, जिनकी आपको जानकारी होनी चाहिए.

कोरोना वायरस महामारी के दौरान क्यों जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग? जानें इस संकट की घड़ी में पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखने के फायदे
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Benefits of Social Distancing: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है. आलम तो यह है कि हर गुजरते दिन के साथ कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण के मामलों में बेहिसाब बढ़ोत्तरी हो रही है. आखिर यह महामारी (Pandemic) कब नियंत्रित होगी, इसके बारे में कुछ भी कहना बेहद मुश्किल है, इसलिए इस महामारी के साथ लोगों को जीना सीखना होगा, हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोविड-19 के बढ़ते मामलों का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को गंभीरता से लेने के बजाय इसकी अनदेखी कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने और इसे प्रसार को रोकने के लिए निश्चित सामाजिक दूरी को बनाए रखना बेहद जरूरी है. चलिए जानते हैं कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखना क्यों जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं?

अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (US’s Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित हैं तो वह लक्षणों के शुरू होने से पहले भी संक्रामक हो सकता है. कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन उनके संपर्क में आने से दूसरों को संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसका मतलब यह है कि संक्रमित होने के बाद भले ही व्यक्ति में कोविड-19 संक्रमण के लक्षण दिखे या न दिखे, लेकिन अगर आप सामाजिक दूरी का अभ्यास नहीं करते हैं तो इस संक्रमण को फैला सकते हैं या उसके शिकार हो सकते हैं, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है.

सोशल डिस्टेंसिंग के फायदे-

  • सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब है भीड़ या सार्वजनिक स्थानों से दूर रहना, जहां अन्य लोगों के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है. आवश्यक यात्राओं या किराने का सामान खरीदने के लिए बाहर जाना है तो फेस मास्क पहनने के साथ दूसरों से कम से कम 6 फीट की दूरी रखने की सलाह दी जाती है.
  • कोरोना वायरस प्रकोप के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और इसे नियंत्रित किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: New Swine Flu: चीन के शोधकर्ताओं ने की नए प्रकार के स्वाइन फ्लू की खोज, जो बन सकता है नई महामारी का कारण
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन घर के बाहर दूषित सतहों और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचने में सहायता प्रदान करता है.
  • अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं तो इससे हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और स्वाथ्यकर्मियों को बेहतर तरीके से अपना काम करने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही उन मरीजों की  सही तरीके से मदद की जा सकेगी, जिन्हें उपचार या अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है.

हालांकि कोविड-19 संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी का खतरा हर किसी के लिए अलग हो सकता है. यह वायरस किसी भी व्यक्ति को संक्रमति कर सकता है और उससे दूसरों तक संक्रमण फैल सकता है. ऐसे में अगर कोरोना के खिलाफ जंग जीतनी है तो हर किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2020 12:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).