सावधान! टॉयलेट में फोन चलाने से हो सकता है बवासीर, 5 मिनट से ज्यादा बैठना क्यों है खतरनाक?
टॉयलेट सीट पर ज़्यादा देर बैठने से मलाशय की नसों पर दबाव पड़ता है. (Photo Credit: X)

आजकल की सबसे आम आदतों में से एक है टॉयलेट में भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना. चाहे सोशल मीडिया स्क्रॉल करना हो या न्यूज़ पढ़ना, हम में से कई लोग ऐसा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपके लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है?

एनबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि टॉयलेट में बहुत देर तक फोन चलाने से बवासीर (Hemorrhoids) जैसी दर्दनाक बीमारी हो सकती है.

आखिर ऐसा होता क्यों है?

इसे समझना बहुत आसान है. जब आप टॉयलेट सीट पर बैठते हैं, तो आपके पेल्विक एरिया (पेट के निचले हिस्से) को कोई सपोर्ट नहीं मिलता. इस वजह से आपके मलाशय (rectum) की नसों पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है. लंबे समय तक इसी पोजीशन में बैठे रहने से ये नसें सूज जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है, जिसे बवासीर या पाइल्स कहते हैं.

बोस्टन के बेथ इज़राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर की डॉक्टर तृषा पाश्रीचा, जो इस स्टडी की लेखिका भी हैं, कहती हैं, "आप जितनी देर टॉयलेट पर बैठेंगे, यह आपके लिए उतना ही बुरा है."

वे आगे कहती हैं कि स्मार्टफोन इस तरह से बनाए गए हैं कि लोग उन पर ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताएं. 80 के दशक में लोग अखबार लेकर बाथरूम जाते थे, लेकिन वे आसानी से अखबार रखकर बाहर आ जाते थे. फोन के साथ ऐसा नहीं है, यह हमें पूरी तरह से अपने में डुबो देता है.

स्टडी में क्या पता चला?

इस स्टडी में 125 वयस्कों को शामिल किया गया.

  • इनमें से 66% यानी 83 लोगों ने माना कि वे बाथरूम में फोन का इस्तेमाल करते हैं.
  • जब डॉक्टरों ने इन लोगों की जांच की, तो पाया कि जो लोग बाथरूम में फोन ले जाते थे, उनमें बवासीर होने की संभावना दूसरों के मुकाबले 46% ज़्यादा थी.
  • यह खतरा तब भी बना रहा जब रिसर्चर्स ने फाइबर वाला खाना, एक्सरसाइज और कब्ज जैसी दूसरी वजहों को भी ध्यान में रखा.

बवासीर के अलावा दूसरे खतरे भी हैं

बवासीर कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसमें बहुत परेशानी, खुजली और दर्द हो सकता है. कभी-कभी इससे खून भी आ सकता है.

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की डॉक्टर रिज़वाना चौधरी कहती हैं कि लंबे समय तक ऐसा करने से पेल्विक फ्लोर से जुड़ी दूसरी समस्याएं, कब्ज का बिगड़ना और मलाशय में दर्द भी हो सकता है.

इसके अलावा, जब टॉयलेट फ्लश किया जाता है, तो यूरिन और मल के छोटे-छोटे कण हवा में उड़ते हैं. ऐसे में फोन को बाथरूम में ले जाना वैसे भी बहुत अनहाइजीनिक है.

5-मिनट का नियम अपनाएं

सभी एक्सपर्ट्स इस बात पर सहमत हैं कि टॉयलेट में 5 मिनट से ज़्यादा नहीं लगना चाहिए.

  • स्टडी में पाया गया कि फोन इस्तेमाल करने वाले 37% से ज़्यादा लोग 5 मिनट से ज़्यादा देर तक टॉयलेट में बैठे रहते हैं.
  • वहीं, जो लोग फोन नहीं ले जाते, उनमें से सिर्फ 7% ही ऐसा करते हैं.

डॉक्टरों की सलाह है कि बाथरूम में फोन ले जाने से बचें. अगर आपको ले जाना ही है, तो 5 मिनट का टाइमर सेट कर लें. डॉक्टर पाश्रीचा कहती हैं, "अगर 5 मिनट में काम नहीं हो रहा है, तो यह वैसे भी नहीं होगा. थोड़ा ब्रेक लें और बाद में फिर कोशिश करें."