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Mermaid Baby: हैदराबाद में हुआ मरमेड बेबी का जन्म, एक घंटे के भीतर हुई मौत, जानें क्या है मरमेड सिंड्रोम?

हैदराबाद के पेटलाबुर्ज मैटरनिटी अस्पताल में एक मरमेड बेबी का जन्म हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई. क्रिटिकल बर्थ डिफेक्ट के कारण जन्म के एक घंटे की भीतर ही बच्चे ने दम तोड़ दिया. दरअसल, बच्चा मरमेड संड्रोम के साथ पैदा हुआ था, जो एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है और पिछले कुछ सालों में इस तरह के कुछ मामले देखे गए हैं.

Mermaid Baby: हैदराबाद में हुआ मरमेड बेबी का जन्म, एक घंटे के भीतर हुई मौत, जानें क्या है मरमेड सिंड्रोम?
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Wikimedia Commons)

हैदराबाद (Hyderabad) के पेटलाबुर्ज मैटरनिटी अस्पताल (Petlaburj Maternity Hospital) में एक मरमेड बेबी (Mermaid Baby) का जन्म हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई. क्रिटिकल बर्थ डिफेक्ट (Critical Birth Defect) के कारण जन्म के एक घंटे की भीतर ही बच्चे ने दम तोड़ दिया. दरअसल, बच्चा मरमेड संड्रोम (Mermaid Syndrome) के साथ पैदा हुआ था, जो एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है और पिछले कुछ सालों में इस तरह के कुछ मामले देखे गए हैं. मरमेड सिंड्रोम के साथ पैदा होने वाले बच्चों में अधिकांश बच्चे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं. हैदराबाद में जन्मे बच्चे का आधा शरीर इंसान की तरह और आधा मछली की तरह था. बच्चे के शरीर का निचला हिस्सा जलपरी की तरह दिखता है यानी मछली के पंख के समान है.

इस जन्मजात विकार को सिरेनोमेलिया (Sirenomelia) या मरमेड सिंड्रोम कहा जाता है. अस्पताल के डॉक्टरों ने सीएनएन को बताया कि बच्चे का जन्म बुधवार को शाम सात बजे के आसपास हुआ था और अगले दो घंटों के भीतर उसकी मौत हो गई. इस तरह के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं. चलिए जानते हैं मरमेड सिंड्रोम क्या है?

क्या है मरमेड सिंड्रोम?

सिरेनोमेलिया (मस्त्यांगना सिंड्रोम) एक प्रकार का जन्म दोष है, जिसमें बच्चे के दोनों पैर जुड़े होते हैं. यह मरमेड मछली की तरह दिखता है, इसलिए इस मरमेड सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है. यह सिंड्रोम एक लाख बच्चों में से एक में होता है. सिरेनोमेलिया (मरमेड सिंड्रोम) का कोई विशेष कारण अब तक सामने नहीं आया है. हालांकि इसके पीछे आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक भी शामिल हैं. यह भी अनुमान लगाया गया है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जीन स्थानांतरण के कारण हो सकता है. परिसंचरण तंत्र और रक्त वाहिकाएं कुछ मामलों में असामान्य भी हो सकती हैं.

इस मामले में बच्चा जननांगों, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों, रीढ़ में विकार, पेल्विस और दोनों किडनी की अनुपस्थिति के साथ पैदा होता है. एनसीबीआई के अनुसार, इस स्थिति में आमतौर पर व्यक्ति का लंबे समय तक जीना असंभव है. हालांकि एक रिपोर्ट यह भी बताती है कि वास्तव में कुछ शिशु इस विकार के साथ जीवित भी हैं.

एक बच्चे का जन्म 2018 में महाराष्ट्र के अंबजोगाई में स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण सरकारी अस्पताल में हुआ था. हैदराबाद में जन्मे बच्चे की तरह ही इस शिशु ने भी पैदा होने के महज 15 मिनट के भीतर दम तोड़ दिया था. इससे पहले साल 2017 में एक 23 वर्षीय महिला ने मरमेड सिंड्रोम से पीड़ित एक बच्चे को जन्म दिया. बच्चे के लिंग को उसके जुड़े हुए अंगों के कारण पहचाना नहीं जा सका. यह बच्चा चार घंटे तक जीवित था.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2021 10:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).