अपना लीजिए बैठकर पानी पीने की आदत, यह तरीका है सेहत के लिए फायदेमंद
बैठकर पानी पीने के दौरान पानी का फ्लो धीमा रहता है और शरीर पानी को आसानी से डायजेस्ट कर पाता है. इससे शरीर की तंत्रिकाएं भी रिलैक्स्ड रहती हैं.
अगर आप रोजाना पर्याप्त मात्रा से कम पानी पीते हैं तो आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं, इसलिए कहा जाता है कि रोजाना भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी है. हालांकि कई लोग खड़े होकर और जल्दी-जल्दी पानी पीते हैं, लेकिन पानी पीने की यह आदत कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, खड़े होकर कभी पानी नहीं पीना चाहिए, बल्कि पानी हमेशा बैठकर आराम से छोटे-छोटे घूंट में पीना चाहिए. पानी पीने के इस नियम को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
दरअसल, बैठकर पानी पीने के दौरान पानी का फ्लो धीमा रहता है और शरीर पानी को आसानी से डायजेस्ट कर पाता है. इससे शरीर की तंत्रिकाएं भी रिलैक्स्ड रहती हैं. चलिए जानते हैं बैठकर पानी पीने के फायदे.
1- नहीं होती किडनी की बीमारी
खड़े होकर पानी पीने पर किडनी से सही तरीके से छने बिना ही पानी बह जाता है, जिससे किडनी और मूत्राशय में अक्सर गंदगी रह जाती है. इसके परिणामस्वरुप आपको यूरीन मार्ग में इंफेक्शन और किडनी की बीमारी हो सकती है. दरअसल, पानी को बैठकर पीने पर किडनी इसे अच्छी तरह से छान पाता है, जिससे किडनी की बीमारी नहीं होती है. यह भी पढ़ें: सिर के पास स्मार्टफोन रखकर सोना है सेहत के लिए घातक
2- नहीं होती जोड़ों की परेशानी
लगातार खड़े होकर पानी पीने से भविष्य में आर्थराइटिस की बीमारी हो सकती है, लेकिन अगर आप बैठकर पानी पीते हैं तो इससे जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थों का संतुलन बना रहता है और आर्थराइटिस का खतरा कम होता है.
3- पाचन क्रिया होती है बेहतर
खड़े होकर पानी पीने से फूड पाइप के जरिए तेजी से नीचे बह जाता है. तेज धार पड़ने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल वॉल्स और उसके आसपास के अंगों को नुकसान पहुंचता है. यह पाचन क्रिया को भी बिगाड़ सकता है, इसलिए हमेशा बैठकर पानी पीएं. इससे पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है.
4-कम होती है एसिड की मात्रा
आयुर्वेद के अनुसार, बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पानी पीने से शरीर में एसिड की मात्रा नहीं बढ़ती है. दरअसल, पानी आवश्यक अनुपात के साथ मिलकर शरीर में एसिड के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है, जबकि खड़े होकर पानी पीने से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ती है.
5- दिल और फेफड़े रहते हैं स्वस्थ
खड़े होकर पानी पीने से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है और हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है. खड़े होकर पानी पीने से भोजन नलिका और श्वसन नलिका में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है, लेकिन जो लोग बैठकर पानी पीते हैं उन्हें फेफड़े और दिल के रोगों का खतरा नहीं होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2018 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

