Vijaya Ekadashi 2025 Wishes: विजया एकादशी के इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

Vijaya Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) का व्रत हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है. जगत के पालनहार भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को समर्पित इस एकादशी को विजय प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति विजया एकादशी का व्रत करता है, उसे हर क्षेत्र में विजय मिलती है, जीवन में सुख-समृद्धि व सफलता आती है, इसके साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत रखकर श्रीहरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से मनुष्य की मानसिक स्थिति में सुधार होता है, उसके सारे कष्ट दूर होते हैं. इसके साथ ही आत्मशुद्धि और आस्था में वृद्धि होती है. अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से इस साल 24 फरवरी 2025 को विजया एकादशी मनाई जा रही है.

कहा जाता है कि लंकापति रावण से युद्ध करने से ठीक पहले भगवान राम ने विजया एकादशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें रावण पर विजय प्राप्त हुई थी. अगर आप शत्रुओं से परेशान हैं और उन पर विजय पाना चाहते हैं तो इस व्रत को अवश्य करना चाहिए. इसके साथ ही आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को विजया एकादशी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:
शुभ विजया एकादशी

विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

2- विष्णु जिनका नाम है,
बैकुंठ जिनका धाम है,
जगत के उस पालनहार को,
हमारा शत-शत प्रणाम है.
शुभ विजया एकादशी

विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- ॐ नमो नारायण नम:
शुभ विजया एकादशी

विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- ताल बजे, मुदंग बजे,
और बजे हरी की वीणा,
जय राम, जय राम,
जय श्री कृष्ण हरी.
शुभ विजया एकादशी

विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- ॐ श्री विष्णवे नम:
शुभ विजया एकादशी

विजया एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

स्कंद पुराण में बताया गया है कि विजया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को विजय की प्राप्ति होती है. कहा जाता है जब भगवान राम कपिदल के साथ सिंधु तट पर पहुंचे तो रास्ता रुक गया. वहां दालभ्य मुनि का आश्रम था, मुनि ने श्रीराम को सलाह दी कि वो अपनी सेना के साथ विजया एकादशी का व्रत करें. इस व्रत के प्रभाव से उन्हें समुद्र पार करने और लंका पर विजय पाने का सरल उपाय मिलेगा. मुनि की बात मानकर श्रीराम ने सेना सहित इस व्रत को किया और लंका पर विजय प्राप्त की.