Guru Tegh Bahadur Jayanti 2025 Quotes: प्रकाश पर्व पर अपनों संग शेयर करें गुरु तेग बहादुर साहिब जी ये 10 अनमोल और प्रेरणादायी कोट्स
सिख धर्म के अनुयायी गुरु तेग बहादुर को मानवता के रक्षक के रूप में पूजते हैं. उन्हें एक महान कवि, चिंतक और साहसी योद्धा के तौर पर याद किया जाता है. गुरु नानक देव जी और अन्य सिख गुरुओं की पवित्रता और दिव्यता की ज्योति को आगे बढ़ने वाले गुरु तेग बहादुर को हिंद की चादर कहा जाता है. ऐसे में गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर आप उनके इन 10 अनमोल व प्रेरणादायी कोट्स को अपनों संग शेयर कर सकते हैं.
Guru Tegh Bahadur Jayanti 2025 Quotes in Hindi: सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर सिंह जी की जयंती (Guru Tegh Bahadur Jayanti) हर साल 21 अप्रैल को मनाई जाती है. उनका जन्म सन 1661 को अमृतसर में गुरु हरगोबिंद साहिब और माता नानकी के घर हुआ था. गुरु तेग बहादुर जी (Guru Tegh Bahadur Ji) को बचपन में त्यागमल के नाम से जाना जाता था. बताया जाता है कि उन्होंने महज 14 साल की उम्र में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में वीरता का परिचय दिया था, उनकी उस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने ही उनका नाम तेग बहादुर रखा था, जिसका अर्थ है तलवार का धनी. धर्म और आदर्शों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर ने सिख धर्म का संदेश फैलाने के लिए भारत में बड़े स्तर पर यात्रा की और कई नए उपदेश केंद्र स्थापित किए.
सिख धर्म के अनुयायी गुरु तेग बहादुर को मानवता के रक्षक के रूप में पूजते हैं. उन्हें एक महान कवि, चिंतक और साहसी योद्धा के तौर पर याद किया जाता है. गुरु नानक देव जी और अन्य सिख गुरुओं की पवित्रता और दिव्यता की ज्योति को आगे बढ़ने वाले गुरु तेग बहादुर को हिंद की चादर कहा जाता है. ऐसे में गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर आप उनके इन 10 अनमोल व प्रेरणादायी कोट्स को अपनों संग शेयर कर सकते हैं.










बताया जाता है कि गुरु तेग बहादुर सिंह जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. आस्था, विश्वास, धर्म और अधिकारों की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर द्वारा दिए गए बलिदान का काफी प्रभावी असर हुआ, जिसने भारतीय उप-महाद्वीप के इतिहास को बदल कर रख दिया. उनका बलिदान इतिहास के पन्नों में सदा-सदा के लिए मानवाधिकारों के लिए दी गई शहादत का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया. ऐसी मान्यता है कि उनकी शहादत दुनिया में मानव अधिकारों के लिए पहली शहादत थी, इसलिए उन्हें सम्मान से हिंद की चादर कहा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

