8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन और नए फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की मांग तेज की
केंद्रीय कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के गठन और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो सकता है.
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि नए वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन (Minimum Pay) और फिटमेंट फैक्टर में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएं. यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. हालांकि, वित्त मंत्रालय की ओर से अभी तक इसके गठन की आधिकारिक तिथि की पुष्टि नहीं की गई है.
फिटमेंट फैक्टर पर क्या है मांग?
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में फिटमेंट फैक्टर को वर्तमान के 2.57 से बढ़ाकर 3.68 करना शामिल है. फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों की गणना की जाती है. 7वें वेतन आयोग के दौरान इसे 2.57 रखा गया था, लेकिन कर्मचारियों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाना अनिवार्य है.
न्यूनतम वेतन में कितनी होगी बढ़ोतरी?
अगर सरकार 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 कर देती है, तो न्यूनतम वेतन में बड़ी उछाल आएगी.
वर्तमान स्थिति: अभी न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है.
प्रस्तावित मांग: कर्मचारी संघ इसे बढ़ाकर 26,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं.
पेंशन पर असर: सैलरी में वृद्धि के साथ-साथ पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी.
8वां वेतन आयोग कब तक हो सकता है लागू?
आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित करती है. 7वां वेतन आयोग जनवरी 2016 में लागू हुआ था, जिसके अनुसार 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2026 तक प्रभावी हो जाना चाहिए. नियमों के मुताबिक, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सिफारिशें देने के लिए 18 से 24 महीने का समय चाहिए होता है. इसी कारण कर्मचारी यूनियनें जल्द से जल्द इसके गठन की अपील कर रही हैं.
सरकार का वर्तमान रुख
फिलहाल सरकार ने संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा है कि 8वें वेतन आयोग के गठन का प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है. सरकार का ध्यान वर्तमान में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में समय-समय पर होने वाली बढ़ोतरी पर केंद्रित है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि आगामी चुनाव और बढ़ते दबाव के बीच सरकार जल्द ही इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठा सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2026 03:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

