Badrinath Yatra 2026 Travel Guide: कपाट खुलने के साथ ही बद्रीनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब; सड़क, रेल और हवाई मार्ग की पूरी जानकारी
23 अप्रैल 2026 को भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा का मुख्य सीजन शुरू हो गया है। इस साल रिकॉर्ड 1.7 मिलियन श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है. यात्रियों की सुविधा के लिए हमने मार्ग, परिवहन और जरूरी नियमों की विस्तृत जानकारी यहाँ संकलित की है.
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Badrinath Yatra 2026 Travel Guide: उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़वाल हिमालय (Garhwal Himalayas) में स्थित भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के परम धाम, बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) के कपाट 23 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं. समुद्र तल से 3,133 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर 'छोटा चार धाम' सर्किट (Chota Char Dham Circuit) के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है. इस वर्ष यात्रा के लिए अब तक 1.7 मिलियन से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने परिवहन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. यह भी पढ़ें: Kedarnath Temple 2026: भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं और साझा कीं पुरानी तस्वीरें
सड़क मार्ग: सबसे लोकप्रिय और सुलभ रास्ता
बद्रीनाथ पहुँचने के लिए सड़क मार्ग सबसे आम विकल्प है. यात्रा की शुरुआत आमतौर पर ऋषिकेश (297 किमी) या हरिद्वार (320 किमी) से होती है. पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा और अनुकूलन (Acclimatization) के लिए इस यात्रा में दो दिन का समय लगता है.
- मुख्य पड़ाव: यात्री अक्सर जोशीमठ में रात बिताते हैं, जो बद्रीनाथ से 45 किमी पहले स्थित अंतिम प्रमुख शहर है.
- परिवहन के साधन: हरिद्वार और ऋषिकेश से सुबह-सुबह उत्तराखंड परिवहन (UTC) की बसें उपलब्ध रहती हैं. इसके अलावा निजी टैक्सी और साझा जीप भी एक किफायती विकल्प हैं.
हवाई मार्ग और हेलीकॉप्टर सेवा
समय बचाने के इच्छुक यात्रियों के लिए हवाई मार्ग सबसे तेज विकल्प है.
- हवाई अड्डा: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जौली ग्रांट (DED) है, जो बद्रीनाथ से लगभग 311 किमी दूर है.
- हेलीकॉप्टर पैकेज: देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से 'सेम-डे' और '1-नाइट/2-डे' के पैकेज उपलब्ध हैं. 2026 में इसकी कीमत ₹90,000 से ₹1,05,000 प्रति व्यक्ति के बीच है, जिसमें वीआईपी दर्शन भी शामिल हैं। हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए 'यात्रा आईडी' होना अनिवार्य है. यह भी पढ़ें: Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के मौके पर खुलेंगे चारधाम के गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, जानें केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का समय
रेलवे और भविष्य की परियोजनाएं
वर्तमान में हरिद्वार जंक्शन और योग नगरी ऋषिकेश सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं, जो देश के प्रमुख शहरों से जुड़े हैं. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है और अप्रैल 2026 तक 99 किमी से अधिक सुरंग का काम पूरा हो चुका है. हालांकि, पूरी रेल लाइन 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, तब तक यात्रियों को कर्णप्रयाग या ऋषिकेश से आगे का सफर सड़क मार्ग से ही करना होगा.
2026 के लिए अनिवार्य पंजीकरण नियम
उत्तराखंड सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है. फर्जी बुकिंग से बचने के लिए श्रद्धालुओं को आधिकारिक पोर्टल (registrationandtouristcare.uk.gov.in) या 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप पर पंजीकरण करना होगा। सफल पंजीकरण के बाद मिलने वाला क्यूआर-कोड वाला 'यात्रा पास' हर जगह अनिवार्य है.
यात्रियों के लिए विशेष सुझाव
- ऊँचाई का प्रभाव: साँस लेने में दिक्कत से बचने के लिए रास्ते में पीपलकोटी या जोशीमठ जैसे स्थानों पर एक रात रुककर शरीर को वातावरण के अनुकूल ढालें.
- कपड़े: मई-जून में भी यहाँ का तापमान 7°C तक गिर जाता है, इसलिए भारी ऊनी कपड़े साथ रखें.
- स्वास्थ्य: हृदय या श्वसन रोग से पीड़ित यात्री चढ़ाई शुरू करने से पहले अपनी मेडिकल जांच जरूर करवाएं.
बद्रीनाथ के कपाट नवंबर 2026 के मध्य तक खुले रहने की संभावना है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लगभग सात महीने का समय मिलेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2026 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

