Kedarnath Temple 2026: भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं और साझा कीं पुरानी तस्वीरें

इस वर्ष केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो गई है. इस यात्रा में केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर शामिल हैं. मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और परंपरा के अनुसार पहली पूजा प्रधानमंत्री के नाम पर की गई.

Baba Kedarnath

Kedarnath Temple 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा, “जैसे ही केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलते हैं, अपने पिछले दौरों की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं. हर हर महादेव!” Baba Kedarnath Kapat: जय-जयकारों के साथ खुले केदारनाथ धाम के कपाट, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; सीएम धामी भी रहे मौजूद; VIDEO

प्रधानमंत्री ने अपने इस संदेश के साथ केदारनाथ धाम की अपनी पुरानी यात्राओं की तस्वीरें भी साझा कीं, जो उनकी गहरी आस्था और इस पवित्र धाम से जुड़े आध्यात्मिक संबंध को दर्शाती हैं.

पीएम मोदी की पहली अहम यात्रा 3 मई 2017 को हुई थी, जब उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी और 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी. इस दौरे को केदारनाथ के पुनरुद्धार में एक अहम मोड़ माना जाता है, जब सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया था.

इसके बाद 18 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री ने फिर से केदारनाथ धाम का दौरा किया था. इस दौरान कई विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी थीं, जिनमें श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और चौड़े रास्ते शामिल थे.

तीसरी बार 6 नवंबर 2022 को पीएम मोदी ने केदारनाथ पहुंचकर नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं को संबोधित किया. उन्होंने इस दौरान केदारनाथ को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया था.

इस वर्ष केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो गई है. इस यात्रा में केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर शामिल हैं. मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और परंपरा के अनुसार पहली पूजा प्रधानमंत्री के नाम पर की गई.

राज्य सरकार और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. इसमें डिजिटल क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम, बेहतर सुरक्षा इंतजाम, मेडिकल सुविधाएं और स्लॉट-आधारित रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शामिल है.पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए “ग्रीन एंड क्लीन यात्रा” अभियान को भी मजबूती दी गई है. यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.

पुष्कर सिंह धामी ने भी तैयारियों की निगरानी करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. पीएम मोदी का यह संदेश न सिर्फ भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि केदारनाथ धाम भारत की आस्था, संस्कृति और दृढ़ता का प्रतीक बना हुआ है.

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