Akshaya Tritiya 2026 Sanskrit Wishes: शुभ अक्षय तृतीया! इन संस्कृत Shlokas, WhatsApp Stickers, GIF Greetings, Facebook Messages के जरिए दें बधाई
अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

Akshaya Tritiya 2026 Sanskrit Wishes: हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखने वाला 'अक्षय तृतीया' (Akshaya Tritiya) का पर्व इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल वैशाख मास (Vaishakh Maas) के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है. इस तिथि को ज्योतिष शास्त्र में 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' या 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को शुरू करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती. माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य 'अक्षय' फल प्रदान करता है, यानी जिसका कभी क्षय (विनाश) नहीं होता.

अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी की सदियों पुरानी परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन कीमती धातुओं की खरीदारी से घर में माता लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है और सुख-समृद्धि बढ़ती है. गहनों की खरीदारी के अलावा, यह दिन गृह प्रवेश, विवाह, नए व्यवसाय की शुरुआत और पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

अक्षय तृतीया के इस विशेष अवसर पर अपने मित्रों और परिजनों को बधाई देने के लिए लोग सोशल मीडिया पर संस्कृत श्लोकों और शुभकामनाओं का उपयोग करते हैं. ऐसे में इस डिजिटल युग में आप भी इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फेसबुक मैसेजेस के जरिए अपनों को संस्कृत में शुभ अक्षय तृतीया कहकर बधाई दे सकते हैं.

1- ये दानं यत्र कुर्वन्ति मधुद्विट्प्रीतये शुभम्।

तदक्षय्यं फलत्येव मधुशासनशासनात्॥

भावार्थ: अक्षय-तृतीया को मधु के संहारक भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए किया

गया दान शुभ तथा अक्षय फल देने वाला होता है.

अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

2- सुदानात्प्राप्यते भोगः सुदानात्प्राप्यते यशः।

सुदानात् जायते कीर्तिः सुदानात् प्राप्यते सुखम्॥

भावार्थ: योग्य दान करने से संतुष्टि, यश, कीर्ति और सुख की प्राप्ती होती हैं.

अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

3- दानमेवोत्तमं भोगं धनस्य मन्यते बुधः।

मूढा विषयभोगाय रक्षन्ति धनमध्रुवम्॥

भावार्थ: विद्वज्जन दान को ही धन का उत्तम भोग मानते हैं.

मूढ़ लोग विषय भोग के लिए नाशवान धन की रक्षा करते हैं.

अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

4- गौरवं प्राप्यते दानात न तु वित्तस्य संचयात् ।

स्थितिः उच्चैः पयोदानां पयोधीनाम अधः स्थितिः ॥

भावार्थ: वित्त के संचय से नहीं अपितु दान से गौरव प्राप्त होता है.

जल देनेवाले बादलों का स्थान उच्च है, जब की जल का संचय करने वाले सागर का स्थान नीचे है.

अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

5- उत्तमोऽप्रार्थितो दत्ते मध्यमः प्रार्थितः पुनः।

याचकैर्याच्यमानोऽपि दत्ते न त्वधमाधमः॥

भावार्थ: उत्तम मनुष्य मांगे बिना देता है, मध्यम मांगने पर देता है, और आधम तो याचकों के मांगने पर भी नहीं देता है.

अक्षय तृतीया 2026 (Photo Credits: File Image)

अक्षय तृतीया का दिन केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है. मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था. भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि को हुआ था, जिसे परशुराम जयंती के रूप में मनाया जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि भगवान गणेश ने इसी दिन महाभारत लिखना प्रारंभ किया था. उत्तराखंड में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट भी इसी पावन तिथि पर खोले जाते हैं.