Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: राम नवमी शुभाशयाः इन संस्कृत Shlokas, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए अपनों को दें प्रभु श्री राम जन्मोत्सव की बधाई
राम नवमी पर देवभाषा संस्कृत में भगवान राम की स्तुति और शुभकामनाएं साझा करना इस पर्व की दिव्यता को और बढ़ा देता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन संस्कृत विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को राम नवमी शुभाशया: कहकर बधाई दे सकते हैं.
Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के नौवें दिन देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ 'राम नवमी' (Ram Navami) का पर्व मनाया जाता है. हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में इसी पावन तिथि पर अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) ने अपने सातवें अवतार 'श्री राम' के रूप में जन्म लिया था. शक्ति की उपासना (नवरात्रि) के समापन और प्रभु राम के प्राकट्य का यह संगम भारतीय संस्कृति में अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है. इस अवसर पर देश के तमाम राम मंदिरों में सुबह से ही भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है.
शास्त्रों के अनुसार, भगवान राम का अवतार धरती से राक्षसी शक्तियों का विनाश करने और 'रामराज्य' यानी धर्म की स्थापना के लिए हुआ था. लंकापति रावण के वध के साथ उन्होंने संसार को मर्यादित जीवन जीने का संदेश दिया. यही कारण है कि राम नवमी को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत के उत्सव के रूप में मनाया जाता है. श्रद्धालु आज के दिन व्रत रखते हैं और मध्याह्न (दोपहर) के समय प्रभु के जन्मोत्सव की आरती उतारते हैं.
भगवान राम का जीवन त्याग, सेवा और समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है. राम नवमी का यह पर्व हमें अपने भीतर के रावण (अहंकार और बुराई) को त्याग कर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. राम नवमी पर देवभाषा संस्कृत में भगवान राम की स्तुति और शुभकामनाएं साझा करना इस पर्व की दिव्यता को और बढ़ा देता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन संस्कृत विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को राम नवमी शुभाशया: कहकर बधाई दे सकते हैं.





अयोध्या सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज श्री राम की भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है. मंदिरों को फूलों और दीपों से सजाया गया है. जहाँ एक ओर साधक कन्या पूजन और हवन करके अपना नौ दिनों का नवरात्रि व्रत पूर्ण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रामलला के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है. सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण किया जाता है, जिससे चैत्र मास के इन पवित्र नौ दिनों का समापन होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2026 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

