Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes in Hindi: विश्वविख्यात कवि, संगीतकार और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर (रबींद्रनाथ ठाकुर) की जयंती (Rabindranath Tagore Jayanti) इस वर्ष 7 मई को मनाई जाएगी. 'गुरुदेव' और 'कविगुरु' के नाम से लोकप्रिय टैगोर का जन्म 1861 में कोलकाता के जोड़ासांको में हुआ था. उन्होंने अपनी लेखनी और कला के माध्यम से न केवल भारतीय साहित्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों के भीतर राष्ट्रवाद की भावना भी जागृत की. इस विशेष अवसर पर उनके विचारों को याद करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.
रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) की प्रतिभा बचपन से ही दिखने लगी थी; उन्होंने मात्र 8 वर्ष की आयु में अपनी पहली कविता लिखी और 16 वर्ष की आयु तक उनकी पहली लघुकथा प्रकाशित हो चुकी थी. वे केवल एक साहित्यकार ही नहीं, बल्कि एक प्रखर क्रांतिकारी भी थे. वर्ष 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई 'नाइटहुड' की उपाधि को वापस लौटाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
7 मई को महान साहित्यकार और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जा रही है. उनके वे प्रेरक विचार साझा करें जिन्होंने न केवल आजादी के दौर में क्रांति जगाई, बल्कि आज भी जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप गुरुदेव के इन 10 अनमोल विचापों को शेयर कर सकते हैं, जो आज भी जीवन को सही राह दिखाते हैं.










टैगोर को बंगाल का 'सांस्कृतिक उपदेशक' कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने बांग्ला लेखन के पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह से बदल दिया था. उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 'गीतांजलि' है, जिसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, जापानी और रूसी सहित कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया. वे भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन' और बांग्लादेश के 'आमार सोनार बांग्ला' के रचयिता भी हैं.













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