Nowruz 2025 Wishes: पारसी नववर्ष ‘नवरोज’ की इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
पारसी नववर्ष को नवरोज के नाम से जाना जाता है, जो पारसी समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, यह पर्व पारसी कैलेंडर में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. यह दिवस आनंद, कृतज्ञता और उत्सव का समय है, जब लोग अपनी साझा संस्कृतिक पहचान का जश्न मनाने के लिए साथ आते हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए पारसी नववर्ष नवरोज की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Nowruz 2025 Wishes in Hindi: पारसी नव वर्ष (Parsi New Year) यानी नवरोज (Nowruz) वसंत का तीन हजार साल पुराना उत्सव है, जिसकी जड़ें प्राचीन पारसी धर्म से जुड़ी हुई हैं. यह ईरानी कैलेंडर के पहले दिन आमतौर पर 20 मार्च या वसंत विषुव के आसपास शुरु होता है और 13 दिनों तक चलता है. उर्वरता, प्रकृति और नई शुरुआत के प्रति गहरी श्रद्धा के साथ, इसे ईरान, अज़रबैजान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ-साथ दुनिया भर के कुर्द, तुर्किक उइगर और पारसी समुदायों में लगभग 300 मिलियन लोगों द्वारा मनाया जाता है. पारसी समुदाय द्वारा साल में दो बार नए साल का पर्व मनाया जाता है. दरअसल, दुनिया भर में पारसी समुदाय के लोग 20 या 21 मार्च को पारसी नववर्ष मनाते हैं, जबकि भारत में पारसी समुदाय के लोग शहंशाही कैलेंडर का पालन करते हुए 16 अगस्त को पारसी न्यू ईयर सेलिब्रेट करते हैं.
पारसी नववर्ष को नवरोज के नाम से जाना जाता है, जो पारसी समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, यह पर्व पारसी कैलेंडर में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. यह दिवस आनंद, कृतज्ञता और उत्सव का समय है, जब लोग अपनी साझा सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाने के लिए साथ आते हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए पारसी नववर्ष नवरोज की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





ऐसी मान्यता है कि 7वीं शताब्दी में जब पारसी समुदाय के कुछ लोग भारत आए तो यहां भी उन्होंने अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन जारी रखा. इसके साथ ही नवरोज यानी नया साल मनाने की परंपरा भी चलती रही. नवरोज के पर्व को मनाने के लिए पारसी समुदाय के लोग अपने घरों को अच्छी तरह से साफ करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे साल को नए सिरे से शुरू करें. यह अतीत की नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का प्रतीक है. नवरोज के दिन पारसी समाज के लोग नए कपड़े पहनते हैं, दिन की शुरुआत प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अग्यारी यात्रा से होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

