Navreh/Kashmiri New Year 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year) यानी नव संवत की शुरुआत होती है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. महाराष्ट्र में जहां नववर्ष के इस पर्व को गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) के तौर पर मनाया जाता है तो वहीं कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में इसे उगादि (Ugadi) कहा जाता है. मणिपुर में इसे साजिबू नोंगमा पानबा (Sajibu Nongma Panba) कहा जाता है, जबकि कश्मीर में इसे नवरेह (Navreh) के तौर पर मनाया जाता है. कश्मीर में मनाए जाने वाले नवरेह को कश्मीरी नववर्ष के तौर पर जाना जाता है और इस साल कश्मीरी अपना नववर्ष यानी नवरेह 30 मार्च 2025 को मना रहे हैं, इसी दिन से विक्रम संवत 2082 की शुरुआत हो रही है.
कश्मीरी पंडित चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को नवरेह यानी नववर्ष का पर्व मनाते हैं. देश के अलग-अलग राज्यों में बसे कश्मीरी पंडित नवरेह के पर्व को अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धूमधाम से मनाते हैं. नवरेह के दिन लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और इसकी बधाई देते हैं. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए नवरेह की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि कश्मीरी नववर्ष यानी नवरेह को मनाने के लिए पूजा की थाल को एक दिन पहले ही सजाकर रखा जाता है, फिर अगली सुबह उठकर सबसे पहले थाल के दर्शन किए जाते हैं. बता दें कि पूजा के इस थाल में दूध, चावल, अखरोट, रोटी, नमक, फूल, दही, जंतरी जैसी सामग्रियों को रखा जाता है और नवरेह के दिन पूजा-अर्चना की जाती है. इस पर्व को मनाने के लिए घरों में पारंपरिक व लजीज पकवान बनाए जाते हैं, जिसका परिवार और करीबियों के साथ मिलकर लुत्फ उठाया जाता है.













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