त्योहार

Muharram 2024 HD Images: मुहर्रम 1446 के इन मनमोहक Photo Messages, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए करें इस्लामिक नव वर्ष का स्वागत

भारत में मुहर्रम मनाने की तारीख चांद के दीदार पर निर्भर होती है, इसलिए हर साल इसकी तारीख बदलती रहती है. मुहर्रम के महीने में सदका करना बेहद शुभ माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि इससे साल भर अल्लाह की रहमत बनी रहती है. ऐसे में मुहर्रम 1446 के इन मनमोहक इमेजेस, फोटो मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को अपनों के साथ शेयर करके आप इस्लामिक नव वर्ष का खास अंदाज में स्वागत कर सकते हैं.

Muharram 2024 HD Images: मुहर्रम 1446 के इन मनमोहक Photo Messages, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए करें इस्लामिक नव वर्ष का स्वागत
मुहर्रम 1446 (Photo Credits: File Image)

Muharram 2024 HD Images: दुनिया भर के मुसलमान मुहर्रम (Muharram) को नए साल के रूप में मनाते हैं, क्योंकि यह इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का पहला महीना होता है. बकरीद के 20 दिन बाद मुहर्रम महीने की शुरुआत होती है, जिसका खासा महत्व बताया जाता है. इस साल 7 जुलाई 2024 से मुहर्रम की शुरुआत हो रही है. एक तरफ जहां मुहर्रम को इस्लामिक नव वर्ष (Islamic New Year) के तौर पर मनाया जाता है तो वहीं इस महीने की 10वीं तारीख को मातम मनाया जाता है, जिसे यौम-ए-आशूरा कहा जाता है. कहा जाता  कि आशूरा यानी मुहर्रम महीने की दसवीं तारीख को इस्लाम की रक्षा करने वाली कर्बला की जंग में हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे इमाम हुसैन ने अपनी शहादत दी थी, इसलिए उनकी शहादत की याद में आशूरा के दिन ताजिए निकाले जाते हैं.

भारत में मुहर्रम मनाने की तारीख चांद के दीदार पर निर्भर होती है, इसलिए हर साल इसकी तारीख बदलती रहती है. मुहर्रम के महीने में सदका करना बेहद शुभ माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि इससे साल भर अल्लाह की रहमत बनी रहती है. ऐसे में मुहर्रम 1446 के इन मनमोहक इमेजेस, फोटो मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को अपनों के साथ शेयर करके आप इस्लामिक नव वर्ष का खास अंदाज में स्वागत कर सकते हैं.

1- मुहर्रम 1446

मुहर्रम 1446 (Photo Credits: File Image)

2- मुहर्रम 1446

मुहर्रम 1446 (Photo Credits: File Image)

यह भी पढ़ें: Muharram 2024 Wishes: इस्लामिक नव वर्ष मुहर्रम पर अपनों संग शेयर करें ये शानदार WhatsApp Stickers, GIF Images और HD Wallpapers

3- मुहर्रम 1446

मुहर्रम 1446 (Photo Credits: File Image)

4- मुहर्रम 1446

मुहर्रम 1446 (Photo Credits: File Image)

मुहर्रम में रोजा रखने को लेकर शिया और सुन्नी समुदाय में अलग-अलग मान्यताएं हैं. शिया समुदाय के लोग 9 दिनों तक रोजा रखते हैं और यौम-ए-आशूरा को रोजा नहीं रखा जाता है, जबकि सुन्नी समुदाय के लोद 9वें और 10वें दिन रोजा रखते हैं. शिया समुदाय के लोग पूरे महीने को मातम के तौर पर मनाते हैं और काले रंग के कपड़े पहनते हैं. आशूरा के दिन शिया मुसलमान काले कपड़े पहनकर ताजिए निकालते हैं और जुलूस में तलवारबाजी करते हुए खुद का खून बहाते हैं. इस तरह से वो इमाम हुसैन की शहादत पर मातम मनाते हैं, जबकि सुन्नी समुदाय के लोग रोजा रखकर, अल्लाह की इबादत करते हुए यौम-ए-आशूरा मनाते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2024 07:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).