Muharram 2024 Wishes: इस्लामिक नव वर्ष मुहर्रम पर अपनों संग शेयर करें ये शानदार WhatsApp Stickers, GIF Images और HD Wallpapers
एक तरफ जहां मुहर्रम के महीने को इस्लाम धर्म के नए साल के तौर पर मनाया जाता है तो वहीं इस महीने में 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी, इसलिए मुहर्रम के 10वें दिन मातम मनाया जाता है. मुहर्रम के पहले दिन यानी इस्लामिक नव वर्ष पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, एचडी वॉलपेपर्स को अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं.
Muharram 2024 Wishes in Hindi: इस्लाम धर्म के लोगों के लिए मुहर्रम (Muharram) का पहला दिन बेहद खास होता है, क्योंकि इसे नए साल के पहले दिन के रूप में मनाया जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम इस्लाम धर्म का पहला महीना (Islamic New Year) होता है, जिसकी शुरुआत बकरीद के करीब 20 दिन बाद होती है. हालांकि भारत में मुहर्रम मनाने की तारीख चांद के दीदार पर निर्भर होती है, इसलिए हर साल इसकी तारीख बदलती रहती है. दरअसल, इस्लामिक कैलेंडर में 12 महीने होते हैं, जिनमें से चार महीनों को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है. इन पवित्र महीनों में जुल-का’दा, जुल-हिज्जा, मुहर्रम और चौथा रजब का नाम शामिल है. मुहर्रम के महीने में सदका करना बेहद शुभ माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि इससे साल भर अल्लाह की रहमत बनी रहती है. इस साल 7 जुलाई 2024 से मुहर्रम का महीना शुरु हो रहा है.
एक तरफ जहां मुहर्रम के महीने को इस्लाम धर्म के नए साल के तौर पर मनाया जाता है तो वहीं इस महीने में 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी, इसलिए मुहर्रम के 10वें दिन मातम मनाया जाता है. मुहर्रम के पहले दिन यानी इस्लामिक नव वर्ष पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, एचडी वॉलपेपर्स को अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं.
1- मुहर्रम 1446

2- मुहर्रम 1446

3- मुहर्रम 1446

4- मुहर्रम 1446

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, हजरत इमाम हुसैन को इस्लाम धर्म का संस्थापक माना जाता है, जो हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे थे. ऐसे में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम के 10वें दिन को लोग मातम के रूप में मनाते हैं, जिसे आशूरा कहा जाता है. मुहर्रम को लेकर सुन्नी और शिया समुदाय में अलग-अलग मान्यताएं है, इसलिए दोनों समुदाय के लोग इसे अलग-अलग तरीके से मनाते है. इस दौरान रोजा रखना शुभ माना जाता है. इस दौरान सुन्नी समुदाय के लोग 9वीं और 10वीं तारीख को रोजा रखते हैं, जबकि शिया समुदाय के लोग 1 से 9 तारीख के बीच रोजा रखते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2024 11:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

