Maha Ashtami 2025 Messages in Hindi: शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व बताया जाता है और आज यानी 30 सितंबर 2025 को महा अष्टमी मनाई जा रही है, जिसे दुर्गा अष्टमी (Durga Ashtami), दुर्गाष्टमी (Durgashtami) और शुभो अष्टमी (Subho Ashtami) जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है. नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर जहां मां दुर्गा (Maa Durga) के आठवें स्वरूप मां महागौरी (Maa Mahagauri) की उपासना की जाती है तो वहीं यह दुर्गा पूजा (Durga Puja) का तीसरा दिन होता है. यह तिथि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नवरात्रि में पहले व आखिरी दिन का व्रत रखने वाले लोग इसी दिन कन्या पूजन (Kanya Pujan) करते हैं. नवरात्रि में पहले और आखिरी दिन व्रत रखने वाले अष्टमी तिथि को हवन और कन्या पूजन कर अपना व्रत पूर्ण करते हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हुई है, जबकि पांच दिवसीय दुर्गा पूजा की शुरुआत 28 सितंबर से हुई है और इसका समापन 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के साथ होगा. पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा, असम जैसे राज्यों में दुर्गा पूजा उत्सव को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.
मां दुर्गा की उपासना के नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि की अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा की जाती है, जबकि इस दिन बंगाली समुदाय के लोग मां दुर्गा को विशेष प्रार्थना अंजलि अर्पित करते हैं और यह दुर्गा पूजा का तीसरा दिन होता है. इस अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को शुभ महा अष्टमी कहकर बधाई दे सकते हैं.





शारदीय नवरात्रि से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, मां दुर्गा ने पूरे नौ दिनों तक दुष्ट असुर महिषासुर से युद्ध किया था और दसवें दिन उन्होंने उस असुर का संहार किया था, इसलिए नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय के प्रतीक के तौर पर विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है. इससे जुड़ी दूसरी कथा के अनुसार, भगवान राम ने पूरे नौ दिन तक व्रत रखकर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की उपासना की थी और उसके बाद दशमी तिथि को उन्होंने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी, इसलिए दशमी तिथि को विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार मनाया जाता है.













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