Kartik Purnima 2025 Wishes: कार्तिक पूर्णिमा के इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
कार्तिक पूर्णिमा पर दान-स्नान और पूजा-पाठ करने से पाप का नाश होता है, साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन सूर्योदय से पूर्व गंगा स्नान करें. इस दिन अन्न, वस्त्र, घी, तिल, चावल के साथ दीप दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों का कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Kartik Purnima 2025 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा (Kartik Purnima) की विशेष महत्व बताया गया है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने से भगवान की विशेष कृपा होती है. दीपावली (Deepawali) यानी लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) का पर्व मनाए जाने के 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देव दिवाली भी मनाई जाती है. प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देव दिवाली पर देव लोक से देवी-देवता धरती पर दिवाली मनाने के लिए काशी के घाट पर आते हैं. काशी के गंगा घाटों पर देव दीपावली मनाने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस दिन लक्ष्मी-नारायण और त्रिपुरारी भगवान शिव की पूजा का विधान है. उदयातिथि के मुताबिक, इस साल कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 5 नवंबर 2025 को मनाया जा रहा है. इसे त्रिपुरी पूर्णिमा या त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है.
कार्तिक पूर्णिमा पर दान-स्नान और पूजा-पाठ करने से पाप का नाश होता है, साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन सूर्योदय से पूर्व गंगा स्नान करें. इस दिन अन्न, वस्त्र, घी, तिल, चावल के साथ दीप दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों का कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई लोग व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव का पूजन करते हैं. इस दिन व्रत का संकल्प लेकर सुबह के शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की पूजा करें, फिर शिव-पार्वती की षोडशोपचार विधि से पूजा करें. इसके बाद विष्णु-लक्ष्मी की विधिवत उपासना करें. घर में सत्यनारायण कथा का पाथ करें, फिर शाम के समय घर के कुछ प्रमुख स्थानों पर दीपक जलाएं घर के मुख्य द्वार पर पांच दीपक जलाएं, एक दीपक तुलसी के पास, एक दीपक घर की उत्तर दिशा में, एक दिपक भगवान के मंदिर में और एक दीपक पानी के नल के पास जलाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

