त्योहार

Guru Tegh Bahadur Jayanti 2025: सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर इन Wishes, Greetings, Messages के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं

गुरु तेग बहादुर जी एक कवि, चिंतक और साहसी योद्धा थे. उन्होंने गुरु नानक देव जी और अन्य सिख गुरुओं की पवित्रता और दिव्यता की ज्योति को आगे बढ़ाया. ऐसे में सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की जयंती यानी प्रकाश पर्व के इस खास अवसर पर आप सोशल मीडिया के जरिए इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.

Guru Tegh Bahadur Jayanti 2025: सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर इन Wishes, Greetings, Messages के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं
गुरु तेग बहादुर जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

Guru Tegh Bahadur Jayanti 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, सन 1621 में वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पंजाब के अमृतसर में सिखों के छठवें गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब और माता नानकी के घर गुरु तेग बहादुर साहिब जी का जन्म हुआ था, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 21 अप्रैल को उनकी जयंती (Guru Tegh Bahadur Jayanti) को प्रकाश पर्व (Prakash Purb) के तौर पर मनाया जाता है. बचपन में गुरु तेग बहादुर साहिब (Guru Tegh Bahadur) को त्याग मल के नाम से जाना जाता था. उनका विवाह 1631 में करतारपुर (जालंधर) में बीबी गुजरी से हुआ था, जिसके कुछ दिनों बाद ही वो परिवार सहित अमृतसर के निकट बकाला में आकर रहने लगे. सिखों के आठवें गुरु के निधन के पश्चात शिरोमणि गुरु तेग बहादुर जी ने साल 1665 से 1675 तक नौवें गुरु के रूप में गद्दी संभाली.

गुरु तेग बहादुर जी एक कवि, चिंतक और साहसी योद्धा थे. उन्होंने गुरु नानक देव जी और अन्य सिख गुरुओं की पवित्रता और दिव्यता की ज्योति को आगे बढ़ाया. ऐसे में सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की जयंती यानी प्रकाश पर्व के इस खास अवसर पर आप सोशल मीडिया के जरिए इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.

गुरु तेग बहादुर साहिब जी का प्रकाश पर्व

गुरु तेग बहादुर जयंती की शुभकामनाएं

गुरु तेग बहादुर प्रकाश पर्व की बधाई

गुरु तेग बहादुर जयंती की हार्दिक बधाई

गुरु तेग बहादुर साहिब जी के प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं

कहा जाता है कि धैर्य, वैराग्य और त्याग की मूर्ति गुरु तेग बहादुर ने 20 सालों तक साधना की थी. गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. ऐसा माना जाता है कि उनकी शहादत दुनिया में मानव अधिकारियों के लिए पहली शहादत थी, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ 'हिंद की चादर' कहा जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2025 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).