Gandhi Jayanti 2025 Wishes: गांधी जयंती के इन हिंदी WhatsApp Messages, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं
‘दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’ जी हां, सत्य और अहिंसा के दम पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कई आंदोलन किए थे, जिसकी बदौलत ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिल गई और अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए. महात्मा गांधी जी की जयंती पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Gandhi Jayanti 2025 Wishes in Hindi: सत्य और अहिंसा (Truth and Nonviolence) के मार्ग पर चलते हुए भारत की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हर साल 2 अक्टूबर को जयंती (Gandhi Jayanti) मनाई जाती है. इस साल उनकी 156वीं जयंती मनाई जा रही है. महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात (Gujarat) के पोरबंदर स्थित काठियावाड़ नामक स्थान पर हुआ था. उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है, जबकि प्यार से लोग उन्हें बापू कहते हैं. भारत में जहां 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है तो वहीं दुनिया भर में इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Nonviolence) के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन समस्त देशवासी न सिर्फ बापू को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि आजादी की लड़ाई में दिए गए उनके महत्वपूर्ण योगदान को भी याद किया करते हैं. इस अवसर पर कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है.
‘दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’ जी हां, सत्य और अहिंसा के दम पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कई आंदोलन किए थे, जिसकी बदौलत ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिल गई और अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए. महात्मा गांधी जी की जयंती पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सन 1921 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर संभाली और उसके बाद उन्होंने गरीबी, महिला अधिकार, धार्मिक व जातिय एकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक अस्पृश्यता को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए. अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह और आंदोलन करने की वजह से उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा. वे एक ऐसी शख्सियत रहे हैं, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए न सिर्फ आजादी की लड़ाई लड़ी, बल्कि उन्होंने इसी मार्ग पर चलते हुए अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर भी मजबूर कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

