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Diwali 2025: इस वर्ष दिवाली पर बन रहे हैं इतने सारे ग्रहों के दिव्य संयोग! जानें किन राशि को क्या प्रतिफल देने वाले हैं ये ग्रह!

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्तिक कृष्ण पक्ष के प्रदोष काल एवं रात्रि व्यापिनी अमावस्या के दिन दिवाली मनाई जाएगी. हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष 20 अक्टूबर 2025, को अमावस्या तिथि 03.45 PM प्रारंभ हो रही है, जो 21 अक्टूबर को 05.54 PM पर समाप्त होगी. चूंकि दिवाली की पूजा प्रदोष काल में होती है, इस नियम के आधार पर इस वर्ष दीपावली पर लक्ष्मी पूजा 20 अक्टूबर 2025 को सम्पन्न की जाएगी.

Diwali 2025: इस वर्ष दिवाली पर बन रहे हैं इतने सारे ग्रहों के दिव्य संयोग! जानें किन राशि को क्या प्रतिफल देने वाले हैं ये ग्रह!
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  हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्तिक कृष्ण पक्ष के प्रदोष काल एवं रात्रि व्यापिनी अमावस्या के दिन दिवाली मनाई जाएगी. हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष 20 अक्टूबर 2025, को अमावस्या तिथि 03.45 PM प्रारंभ हो रही है, जो 21 अक्टूबर को 05.54 PM पर समाप्त होगी. चूंकि दिवाली की पूजा प्रदोष काल में होती है, इस नियम के आधार पर इस वर्ष दीपावली पर लक्ष्मी पूजा 20 अक्टूबर 2025 को सम्पन्न की जाएगी. ज्योतिष शास्त्री इस बार की दीपावली को बहुत खास बता रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार इस वर्ष दीपावली पर कई शुभ ग्रहों का निर्माण हो रहा है, और इन योगों के संयोग में मां लक्ष्मी की पूजा बहुत फलदायी होगा. आइये जानते हैं इन शुभ योगों के बारे में..   

इस दिवाली पर इस शुभ समय पर करें लक्ष्मी-पूजा

  अमावस्या की रात कुल चार स्थिर लग्न (वृषसिंहवृश्चिकऔर कुंभ) बन रहे हैं. इस स्थिर लग्न में महालक्ष्मी और गणेश जी की पूजा-अनुष्ठान करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थाई वास बना रहता है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लाभ की चौघड़िया एवं अमृत काल में पूजा करना जातक के लिए बेहद शुभ फल देने वाला साबित हो सकता है.

ये छह शुभ ग्रह! जानें किन-किन राशियों पर मंगलकारी होंगे

  इस वर्ष दिवाली के दिन सूर्यमंगल और बुध ये सभी ग्रह तुला राशि के साथ समागम करेंगे. ज्योतिषियों के अनुसार इसका संयुक्त प्रभाव सभी राशि के लोगों के लिए शुभ फल देने वाला माना जा रहा है. कर्क राशि पर बृहस्पति का उच्च गोचर हंस महापुरुष योग अत्यंत समृद्धशाली रहेगा. सूर्य-बुध के समागम से बुधादित्य योग बनेगाजिससे जातक में नेतृत्व क्षमता और बुद्धि में विकास और सफलता प्राप्त होगी. वहींकन्या राशि में शुक्रचंद्र की संयोग से आपसी रिश्तों में प्रेममानसिक शांति एवं सुख प्राप्त होगा.

20 अक्टूबर 2025 को मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त

गोधूलि संध्या: 05.46 PM से 06.12 PM

प्रदोष काल: 05.46 PM से 08.18 PM

वृषभ लग्न: 07.16 PM से 09.09 PM तक

उपयुक्त किसी भी मुहूर्त में देवी लक्ष्मी एवं गणेश जी की पूजा करने पर धन, समृद्धि एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी एवं महालक्ष्मी की कृपा जीवन पर बनी रहेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2025 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).