Chanakya Niti: पशुओं के ये गुण स्त्री को सम्मोहित करने में सक्षम होते हैं! जानें क्या हैं वे गुण!
Chanakya Niti(img: file photo)

आचार्य चाणक्य के अनुसार ज्ञान किताबी हो अथवा काम से प्राप्त अनुभव, ऐसे व्यक्ति का ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता. कहने का आशय यह कि बुद्धिमान व्यक्ति का ज्ञान उसकी सफलता को आसान कर देता है. व्यक्ति अपनी कड़ी मेहनत, जिद और जुनून के दम पर असंभव को भी संभव कर देता है. आचार्य चाणक्य का विश्वास है कि कठिन परिश्रम करने वाले को देर-सवेर सफलता मिलती ही है. यहां चाणक्य पुरुष को पशुओं के कुछ विशेष गुणों को सीखने और अपनाने की बात करते हैं. उनके अनुसार पशुओं के कुछ गुण अपना कर पुरुष स्त्री का विश्वास और प्रेम दोनों हासिल कर सकता है. आइये जानें क्या हैं वे गुण..

वफादारी

चाणक्य के अनुसार मनुष्य की तुलना में पशु ज्यादा वफादार और ईमानदार होते हैं. एक पुरुष को पत्नी का ह्रदय जीतने के लिए पशु जैसी वफादारी दिखानी चाहिए. जिस पुरुष में किसी भी स्त्री को देखकर उस पर लट्टू होने की प्रवृत्ति होती हो, ऐसे स्त्री-पुरुष की लव लाइफ लंबी नहीं होती. क्योंकि कोई भी पत्नी चाहती है कि उसका पति उसके प्रति वफादार रहे. यह भी पढ़ें : World Malaria Day 2024: क्यों मनाया जाता है विश्व मलेरिया दिवस? जानें इस दिवस का इतिहास, लक्षण एवं आयोजन!

सतर्क रहना

आचार्य का मानना है कि प्रकृति ने पशुओं को इंसानों से ज्यादा सजग और सतर्क बनाया है. गहरी नींद में होने के बावजूद वे भावी खतरे को भांप जाते हैं. इसी तरह एक पति को भी अपनी पत्नी और उसके प्रति कर्तव्यों को लेकर सतर्क रहना चाहिए. हर स्त्री अपने पति में यही खूबी चाहती है. यानी एक पुरुष कितनी भी गहरी नींद में क्यों न हो, हल्की सी आहट में जागने का गुण होना चाहिए.

बहादुरी

आचार्य चाणक्य के अनुसार कोई भी स्त्री जब जीवन साथी की तलाश करती है, तो उसमें वह पहली खूबी यही देखती है कि वह कितना निडर और बहादुर है. एक पशु भी अपनी इसी खूबी के कारण अपने मालिक का प्यारा कहलाता है, क्योंकि वह अपने मालिक के लिए जान तक देने को तत्पर रहता है. पत्नी ऐसे पति पर गर्व करती है, और उस पर अपना सर्वस्व लुटाने के लिए तैयार रहती है.

संतुष्ट रहना

आचार्य की नीतियों के अनुसार पुरुष को पशु की तरह अति परिश्रमी होना चाहिए. एक पशु अपनी मेहनत या मालिक से जो कुछ भी हासिल करता है, उससे संतुष्ट रहता है. जिस स्त्री के पति में ये गुण होते हैं, वह पत्नी स्वयं को बहुत भाग्यशाली मानती है. पति की इस प्रवृत्ति से पत्नी भी संतुष्ट रहती है.