बिहार: बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु पहुंचे बोध गया मंदिर, कई कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
महात्मा बुद्ध की 2563 वीं जयंती पर बिहार स्थित बोध गया मंदिर में लोग देश के कोने-कोने से पहुंचे हैं. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यहां आयोजित विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे....
महात्मा बुद्ध की 2563 वीं जयंती पर बिहार स्थित बोध गया मंदिर में लोग देश के कोने-कोने से पहुंचे हैं. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यहां आयोजित विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस शुभ अवसर पर बोधगया मंदिर कार्यसमिति ने विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर में स्थित बोधिवृक्ष की छांव में विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया. इस प्रार्थना सभा में देश-विदेश से आए बौद्ध श्रद्धालु हिस्सा लेंगे. बुद्ध पूर्णिमा कार्यक्रम की शुरुआत धम्म यात्रा के साथ होगी. इस अवसर पर बोधगया मंदिर को फूलों और तोरण से सजाया गया है. मंदिर पर झिलमिलाती हुई लाइट्स लगाई गई है.
आज पूरे देश में महात्मा बुद्ध का जन्मदिन मनाया जा रहा है. बौद्ध धर्म के साथ-साथ हिंदुओं के लिए भी ये दिन बहुत खास होता है. बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) को बुद्ध जयंती और 'वेसाक' (Vesak) उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन महात्मा बुद्ध (Mahatma Buddha) को बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और यही उनका निर्वाण (Nirvana) दिवस भी है.
Bihar: Devotees visit Bodh Gaya's Mahabodhi Temple on the occasion of #BuddhaPurnima pic.twitter.com/2V1UkKlPvZ
— ANI (@ANI) May 18, 2019
बता दें कि सुख सुविधा से संपन्न जीवन को छोड़कर राजकुमार सिद्धार्थ गौतम (Siddhārtha Gautama) ज्ञान की खोज में जंगल की ओर निकल पड़े थे. महात्मा बुद्ध को बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर के महाबोधि वृक्ष या पीपल वृक्ष (Mahabodhi Tree) के नीचे कठिन तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त हुआ था. बाद में उनकी शिक्षा और ज्ञान को उनके अनुयायियों ने पूरी दुनियां में फैलाया.
(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2019 01:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

