Maharashtra Zilla Parishad Elections 2026: महाराष्ट्र सरकार का ऐलान, 7 फरवरी जिला परिषद चुनाव के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित, निजी कंपनियों को भी देने होंगे अवकाश

Maharashtra Zilla Parishad Elections 2026: महाराष्ट्र सरकार ने आगामी जिला परिषद (ZP) और पंचायत समिति चुनावों के मद्देनजर शुक्रवार, 7 फरवरी 2026 को सवेतन अवकाश (Paid Holiday) की आधिकारिक घोषणा की है. राज्य चुनाव आयोग और श्रम विभाग द्वारा जारी इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के मतदाता बिना किसी वेतन कटौती के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें.

सभी संस्थानों पर लागू होगा आदेश

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अनिवार्य अवकाश केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं है. यह निजी कंपनियों, औद्योगिक उपक्रमों, वाणिज्यिक दुकानों, आईटी फर्मों और बैंकों पर भी समान रूप से लागू होगा. यह आदेश उन सभी कर्मचारियों के लिए है जो उन जिलों के पंजीकृत मतदाता हैं जहां चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं. यह भी पढ़े:  Haryana Panchayat Samiti, Zilla Parishad Elections 2022: तीन साल होगा निर्वाचित उम्मीदवारों का कार्यकाल? जानें क्या है सच

विशेष परिस्थितियों में छूट

उन संस्थानों के लिए जो काम की प्रकृति के कारण पूरी तरह से बंद नहीं हो सकते, सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था दी है. ऐसे प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों को मतदान के लिए कम से कम दो से तीन घंटे का समय देना होगा. हालांकि, इसके लिए जिला चुनाव अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है.

नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी

श्रम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो नियोक्ता इस निर्देश का उल्लंघन करेंगे या कर्मचारियों का वेतन काटेंगे, उनके खिलाफ चुनाव कानून और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिला कलेक्टरों को निगरानी दल बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निजी फर्में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें.

चुनाव कार्यक्रम

पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद घोषित तीन दिवसीय राजकीय शोक के कारण चुनाव की तारीखों में बदलाव किया गया था. संशोधित कार्यक्रम के अनुसार:

  • मतदान की तारीख: 7 फरवरी 2026 (सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे तक).

  • प्रचार का अंत: 5 फरवरी रात 10:00 बजे तक.

  • मतगणना: 9 फरवरी 2026 (सुबह 10:00 बजे से).

  • अंतिम परिणाम: 11 फरवरी 2026 तक राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे.

'मिनी विधानसभा' के रूप में देखे जा रहे हैं ये चुनाव

महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के इन चुनावों को 'मिनी विधानसभा' माना जा रहा है. ये निकाय प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और स्थानीय बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों का प्रबंधन करते हैं. राजनीतिक विश्लेषक इन परिणामों को राज्य की ग्रामीण राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कारक मान रहे हैं.

कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नियोक्ता को पहले से सूचित कर दें ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके.