देश

Delhi Liquor Scam: शराब घोटाले में केजरीवाल को क्यों घेर रही है बीजेपी? जानें वजह

दिल्ली शराब घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोपी नंबर वन मनीष सिसोदिया हैं लेकिन भाजपा लगातार इस घोटाले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साध रही है.

Delhi Liquor Scam: शराब घोटाले में केजरीवाल को क्यों घेर रही है बीजेपी? जानें वजह
अरविंद केजरीवाल (Photo Credits: ANI)

दिल्ली शराब घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोपी नंबर वन मनीष सिसोदिया हैं लेकिन भाजपा लगातार इस घोटाले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साध रही है. भाजपा के राष्ट्रीय दिग्गज नेता से लेकर दिल्ली प्रदेश के नेता तक सिसोदिया के साथ-साथ बल्कि यूं कहे कि कई बार सिसोदिया से ज्यादा अरविंद केजरीवाल पर अटैक करते नजर आते हैं. यह भी पढ़ें: भाजपा नेता को पत्नी ने महिला मित्र के साथ पकड़ा, ससुरालियों ने की धुनाई, वीडियो वायरल

दरअसल, आम आदमी पार्टी का जन्म ही भ्रष्टाचार के खिलाफ चले अन्ना आंदोलन से निकल कर हुआ था. अन्ना आंदोलन के दौरान बनी छवि के सहारे ही अरविंद केजरीवाल लगातार दिल्ली में चुनाव दर चुनाव जीत रहे हैं और साथ ही पंजाब में सरकार बनाने के बाद अब राष्ट्रीय पार्टी बनने की ओर अग्रसर हैं. पार्टी के गठन से पहले ही अन्ना हजारे ने केजरीवाल का साथ छोड़ दिया और पार्टी के गठन के बाद विभिन्न वजहों से केजरीवाल के कई करीबी या तो पार्टी से निकाल दिए गए या खुद ही पार्टी छोड़ कर चले गए.

ऐसे में पुराने दिग्गज सहयोगियों की बात की जाए तो आज केजरीवाल के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार चलाने वाले मनीष सिसोदिया बचे हैं या फिर पार्टी संगठन को खड़ा करने की कोशिश में जुटे राज्य सभा सांसद संजय सिंह. हालांकि इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के संगठन का ढांचा कहिए या काम करने का अंदाज, अरविंद केजरीवाल ही एकमात्र लोकप्रिय चेहरा नजर आते हैं और यही वजह है कि जिन-जिन राज्यों में आप विस्तार की कोशिश कर रही है वहां-वहां केजरीवाल ही पार्टी के पोस्टर बॉय हैं.

शराब घोटाले में सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के पुराने सहयोगी और सबसे ज्यादा करीबी दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी बना दिया और और अगर ऐसे में इस घोटाले की आंच अरविंद केजरीवाल तक पहुंची तो जिस छवि के सहारे वो लगातार चुनाव जीत रहे हैं या पार्टी के विस्तार के अभियान में लगे हैं, वह छवि तार-तार हो जाएगी.

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़कर राजनीति में आने वाले केजरीवाल भी अगर भ्रष्टाचार के मामले में ही फंसते नजर आए तो उनकी मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ जाएगी। फिलहाल भले ही उनकी पार्टी उनका साथ देती नजर आ रही है लेकिन अगर केजरीवाल इस मामले में फंसते नजर आए तो आम आदमी पार्टी के लिए भी जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.

यही वजह है कि भाजपा लगातार, बार-बार सीधे केजरीवाल पर निशाना साध रही है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शराब घोटाले के लिए सीधे-सीधे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया शराब घोटाले के आरोपी नंबर वन हैं लेकिन इस भ्रष्टाचार के किंगपिन (सरगना) अरविंद केजरीवाल हैं. ठाकुर ने केजरीवाल के नंबर वन के बयान पर कटाक्ष करते हुए यहां तक कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाने में नंबर वन हैं.

पहले रेवड़ी को लेकर हमला और अब शराब घोटाले को लेकर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने केजरीवाल सरकार को रेवड़ी सरकार और बेवड़ी सरकार की संज्ञा तक दे डाली और सीधे-सीधे पूछा कि शराब माफियाओं को बगैर कैबिनेट की अनुमति के 144 करोड़ रुपये वापस देने में क्या अरविंद केजरीवाल की भी सहमति थी?

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी हो या वर्तमान अध्यक्ष आदेश गुप्ता, दोनों ही नेता सीधे-सीधे केजरीवाल पर शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि इस सरकार ने तमाम नियम कानूनों को दरकिनार कर दिल्ली के रिहायशी इलाकों, स्कूलों और मंदिर-मस्जिद जैसे धार्मिक स्थलों के पास शराब के ठेके खोलने का काम किया.

मनोज तिवारी तो केजरीवाल से 8,100 करोड़ रुपए का हिसाब मांगते हुए यह आरोप भी लगा रहे हैं कि शराब घोटाले में मिले कमीशन के रूपयों से ही आप ने पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में विधान सभा चुनाव लड़ा था.

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने तो एक कदम आगे जाकर दिल्ली के सीएम पर यह आरोप लगा दिया कि दिल्ली के होटल में बैठकें कर केजरीवाल ने नई आबकारी नीति बनाई और इन बैठकों में सिसोदिया और अधिकारियों के साथ-साथ शराब माफिया के लोग भी शामिल होते थे.

दिल्ली से लोक सभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी केजरीवाल पर निशाना साधते हुए साफ-साफ कहा कि केजरीवाल सरकार ने जिस बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है, उससे देशवासियों की आंखें खुल चुकी हैं। उन्होने तो यहां तक कहा कि अगर आप नेताओं में कोई नैतिकता बची हो तो उन्हें स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए.

आम आदमी पार्टी भी इस बात को बखूबी समझ रही है इसलिए अपने घर पर पड़े सीबीआई छापे के एक दिन बाद शनिवार को मीडिया से बात करते हुए हुए सिसोदिया ने यह दावा किया कि केजरीवाल राष्ट्रीय स्तर पर नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर उभर रहे हैं इसलिए भाजपा सरकार डरी हुई है. सिसोदिया ने यह दावा भी किया 2024 का लोक सभा चुनाव अरविंद केजरीवाल बनाम नरेंद्र मोदी होगा.

सिसोदिया के इस बयान पर भाजपा की तरफ से पलटवार भी हुआ। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इन लोगों ने (आप) 2014 और 2019 में भी प्रयास किए (मोदी का मुकाबला करने के लिए), हाल ही में चार राज्यों के विधान सभा चुनाव में भी प्रयास किए, बड़े-बड़े दावे किए लेकिन ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे कहीं टिक नहीं पाए.

ठाकुर ने आप को जमानत जब्त करवाने वाली पार्टी करार देते हुए कहा कि आप के नेताओं ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा किया था लेकिन इनके उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हुई और इनका खाता तक नहीं खुल पाया और इनका यही हाल हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भी होने जा रहा है.

ठाकुर ने कहा कि 2014 में भाजपा को 282 सीटें मिली थी, 2019 में 303 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और 2024 में इससे भी ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार बनेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2022 12:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).