Uttar Pradesh: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, विकास की दौड़ में यूपी अन्य राज्यों से पिछड़ा

पूंजीनिवेश के नाम पर भाजपा अब तक जबानी जमा खर्च की कहानी ही दोहराती रही है. पिछले निवेशक सम्मेलनों का यथार्थ में कोई नतीजा नहीं निकला है. एमओयू के हस्ताक्षर होने के कई समारोह हुए पर एक भी एमओयू को जमीन पर उतरते नहीं देखा गया.

अखिलेश यादव (Photo : ANI)

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि विकास की दौड़ में अन्य सभी राज्यों से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पिछड़ गया है. बाहर से पूंजीनिवेश नहीं आने से रोजगार (Employment) का सृजन नहीं हो रहा है. भाजपा सरकार (BJP Government) फिर भी ऐसे सब्जबाग दिखा रही है कि जनता की आंखे चौंधिया रही हैं.

शुक्रवार अखिलेश यादव ने अपने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने मुंबई प्रवास के एक दिन में ही पांच लाख करोड़ का निवेश आने का एलान कर दिया है. अच्छा होता मुंबई में रोड-शो करने से पहले भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में बंद हो रहे उद्योगों एवं कारोबार की दुर्दशा जाने. बड़े पूंजीपतियों को बढ़ावा देना तथा मध्यम एवं लघु उद्योग और छोटे व्यापारियों को खत्म करना भाजपा की घातक नीति है जिसके कारण लोगों का काम चौपट हुआ है और बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ी है. AI Flight Peeing Case: फ्लाइट में महिला पर पेशाब करने वाले शंकर मिश्रा को Wells Fargo ने किया बर्खास्त, कंपनी में था वाइस प्रेसिडेंट

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जता दिया है कि प्रधानमंत्री का देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने का सपना यूपी से होकर ही पूरा होगा. प्रदेश सरकार का इरादा एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का है. छह साल हो रहे हैं भाजपा सरकार अभी तक इस लक्ष्य को पाने के लिए सलाहकारों को ही ढूंढ़ रही है.

पूंजीनिवेश के नाम पर भाजपा अब तक जबानी जमा खर्च की कहानी ही दोहराती रही है. पिछले निवेशक सम्मेलनों का यथार्थ में कोई नतीजा नहीं निकला है. एमओयू के हस्ताक्षर होने के कई समारोह हुए पर एक भी एमओयू को जमीन पर उतरते नहीं देखा गया. बारम्बार मांग के बावजूद भाजपा सरकार अब तक पूंजीनिवेश का रिपोर्ट कार्ड देने से कतराती रही है ओर कहने के बावजूद श्वेतपत्र भी नहीं जारी कर रही है.

अखिलेश ने कहा कि यदि पूंजीनिवेश सम्बंधी मुख्यमंत्री के दावे सही हैं तो यह बताने में क्या हिचक है कि अब तक कितने उद्योग कहां लगे है और उनसे कितना रोजगार सृजन हुआ है? भाजपा सरकार रोजगार के अपने दावों को अगर झूठा नहीं सच मानती है तो उसे किस उद्योग में कितनों को रोजगार मिला इसका पूरा ब्यौरा प्रकाशित करना चाहिए.

Share Now

संबंधित खबरें

\