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UP: सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है. सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं. योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है. इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है.

UP: सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

लखनऊ, 4 नवंबर : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है. सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं. योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है. इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है.

राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अक्टूबर माह की रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है, जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है. बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 13 महीने से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है. राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अक्टूबर माह की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में पूरे प्रदेश में कुल 3,24,897 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया. यह भी पढ़ें : Bihar Election 2025: बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बहू के प्रचार वाहन से मिले शराब के बॉक्स, लोगों ने जमकर की लूट, गया का वीडियो आया सामने: VIDEO

लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,260 मामले निस्तारित किए गए, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं. इसके बाद, प्रयागराज में कुल 10,501 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, गोरखपुर 8,165 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है. इसी तरह, कानपुर नगर ने 7,866 मामले निस्तारित कर चौथा और शाहजहांपुर ने 7,707 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है.

जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है. बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अक्टूबर माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है. जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 480 मामलों का निस्तारण किया है. इसका रेश्यो 192 प्रतिशत है.

इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि मानक 300 के सापेक्ष 334 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 300 के सापेक्ष 310 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर बस्ती है. इसी तरह अक्टूबर में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 71 मामलों का निस्तारण कर 236.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो कि प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है.

वहीं, भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 63 मामले निस्तारित किये गये. वहीं, मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 51 मामले निस्तारित किये गये. इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में भदोही दूसरे और मऊ तीसरे स्थान पर है. इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 184 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं. वहीं, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 36 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2025 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).