Himachal Tourism Update: सिस्सू वैली में 20 जनवरी से पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी; 40 दिनों तक थमेगी पर्यटन गतिविधियां, जानें क्या है वजह
सिस्सू घाटी में 40 दिनों के लिए सभी टूरिज्म बंद रहेंगे (Photo Credits: Wikipedia)

Himachal Tourism Update: अगर आप हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल सिस्सू में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल,  हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिस्सू (Sissu) में आगामी 20 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. सिस्सू ग्राम पंचायत ने स्थानीय धार्मिक समितियों और समुदायों के साथ मिलकर यह 40 दिवसीय 'शटडाउन' घोषित किया है. यह निर्णय सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं की रक्षा और स्थानीय देवी-देवताओं की विशेष पूजा अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है. यह भी पढ़ें: Trip To Alleppey In Winter: सर्दियों में एल्लेप्पी क्यों है स्लो-ट्रैवल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन? जानिए खास वजहें

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

दरअसल, जनवरी और फरवरी का समय लाहौल घाटी के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान यहाँ के आदिवासी समुदायों के प्रमुख त्योहार जैसे 'हलडा' (Halda), 'पुन्हा' (Poonha) और तिब्बती नववर्ष 'लोसर' (Losar) मनाए जाते हैं.

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इन त्योहारों के दौरान एक विशेष 'मौन अवधि' या 'देव प्रतिबंध' लागू होता है, जिसमें बाहरी शोर-शराबा वर्जित माना जाता है. ग्रामीणों का मानना है कि पर्यटकों की भारी भीड़ और शोर-शराबे से उनकी आध्यात्मिक साधना और प्राचीन अनुष्ठानों में खलल पड़ता है.

इन गतिविधियों पर रहेगी रोक

इस 40 दिनों की अवधि के दौरान पागल नाला से रोपसंग तक के पूरे सिस्सू पंचायत क्षेत्र में सभी व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहेंगी:

  • साहसिक खेल: स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, एटीवी राइडिंग और ज़िपलाइनिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
  • आवास: होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस नए बुकिंग स्वीकार नहीं करेंगे.
  • खान-पान: स्थानीय खाने के स्टाल और ढाबे भी बंद रहेंगे ताकि घाटी का ध्यानमयी वातावरण बना रहे.

प्रशासनिक सहयोग और वैकल्पिक मार्ग

सिस्सू पंचायत के अध्यक्ष राजीव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में केलांग में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) से मुलाकात कर इस आदेश को लागू करने में सहयोग मांगा है। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन को भी सूचित किया गया है ताकि पर्यटकों के वाहनों को सिस्सू की ओर जाने से रोका जा सके.

हालांकि, जो पर्यटक लाहौल की यात्रा करना चाहते हैं, वे सिस्सू के पड़ोसी क्षेत्रों जैसे कोकसर और केलांग जा सकते हैं, बशर्ते वे स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करें. यह भी पढ़ें: Spiritual Tourism in India: ना पहाड़, ना समुद्र... घूमने के लिए 2025 में गूगल पर सबसे ज्यादा खोजी गई ये जगह, देखें VIDEO

संस्कृति बनाम पर्यटन

सिस्सू घाटी का यह निर्णय आधुनिक विकास और जनजातीय विरासत के बीच संतुलन बनाने की एक अनूठी कोशिश है. हालांकि इस रोक से क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को आर्थिक रूप से अस्थायी नुकसान होगा, लेकिन स्थानीय समुदाय का मानना है कि अपनी सांस्कृतिक अखंडता और पारंपरिक मूल्यों को बचाना उनके लिए व्यावसायिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.