Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है. राज्य की राजनीति में इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि पारंपरिक द्रविड़ दलों के बीच अब एक नई ताकत के तौर पर अभिनेता से नेता बने विजय की एंट्री हो चुकी है. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सभी पार्टियां अपने-अपने स्तर पर रणनीति तेज कर रही हैं, रैलियों और जनसंपर्क अभियानों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है. Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल सहित 5 राज्यों में वोटिंग कब? आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग कर सकता है ऐलान
इसी बीच विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम के साथ बड़ा दांव खेलते हुए ऐलान किया है कि उनकी पार्टी राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. इस फैसले को उनके आक्रामक राजनीतिक आगाज के रूप में देखा जा रहा है, जो तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है. खास बात यह है कि विजय की लोकप्रियता युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच काफी मजबूत मानी जा रही है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं.
27 मार्च को उम्मीदवारों का ऐलान
पार्टी 27 मार्च को मामल्लापुरम में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने सभी उम्मीदवारों का परिचय कराएगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विजय खुद मंच पर उम्मीदवारों को पेश करेंगे और पार्टी का विजन और रोडमैप भी सामने रखेंगे. यह कार्यक्रम चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है.
कहां से चुनाव लड़ सकते हैं विजय
सूत्रों के अनुसार, विजय चेन्नई की पेरंबूर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर खासतौर पर युवाओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है.
28 मार्च से तेज होगा प्रचार अभियान
विजय 28 मार्च से राज्यभर में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे. वह चेन्नई के पेरंबूर, कोलाथुर, विल्लीवक्कम, अन्ना नगर और विरुगाम्बक्कम समेत कई इलाकों में जनसभाएं करेंगे. इन सभाओं में करीब 3000 लोगों के जुटने की अनुमति दी गई है.
सुरक्षा नियमों के चलते सीमित रैलियां
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने 12 अन्य क्षेत्रों में रैली की अनुमति नहीं दी है. यह सख्ती 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय के कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ के बाद लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों के तहत की गई है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद से तमिलनाडु पुलिस ने भीड़ प्रबंधन को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विजय और उनकी पार्टी की एंट्री से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. अब देखना होगा कि यह नई राजनीतिक ताकत स्थापित दलों को कितनी चुनौती दे पाती है.













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