Seat Number 11A in Aeroplane: एयर इंडिया के हालिया विमान हादसे के बाद सीट नंबर 11A सोशल मीडिया पर "जादुई सीट" बन चुकी है. वजह भी बेहद हैरान करने वाली है. पिछले 27 सालों में दो भयानक विमान हादसों में सिर्फ दो ही लोग बचे और दोनों की सीट थी 11A. पहला हादसा हुआ था 11 दिसंबर 1998 को हुआ था, जब थाई एयरवेज की फ्लाइट TG261 थाईलैंड में क्रैश हो गई थी. इस हादसे में 101 लोगों की जान गई थी, लेकिन 20 साल का एक नौजवान, थाई एक्टर और सिंगर रुंगसक लॉइचुसक, चमत्कारिक रूप से बच गया. क्योंकि वो भी सीट नंबर 11A पर बैठे थे.
अब ताजा मामला है एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 का, जो हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही क्रैश हो गई. इस हादसे में 242 में से केवल एक व्यक्ति जिंदा बचा. चौंकाने वाली बात ये कि वो भी सीट 11A पर बैठे थे.
'लकी सीट' और 'जादुई सीट' बनी 11A
रुंगसक ने जैसे ही ये खबर सुनी, उन्होंने फेसबुक पर लिखा, "भारत में विमान दुर्घटना का एक जीवित बचा यात्री, जो मेरी ही सीट 11A पर था." उन्होंने इसे एक रहस्यमयी समानता बताया और हादसे से प्रभावित लोगों के लिए संवेदना जताई.
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोग सीट 11A को 'लकी सीट' और 'जादुई सीट' कहने लगे हैं. कुछ लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि अगली बार जब भी फ्लाइट बुक करें, सीट 11A ही लें.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि ये सब संयोग है, लेकिन लोगों की सोच पर इसका असर साफ दिख रहा है. कई ट्रैवल एजेंसियों ने भी बताया है कि सीट 11A की मांग अचानक से बढ़ी है.











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