
संभल: उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने 24 नवंबर को हुई संभल हिंसा से जुड़े 12 मामलों में से 6 में 4000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह हिंसा मुगलकालीन मस्जिद की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की जा रही जांच के दौरान भड़की थी.
इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और कई अधिकारी एवं स्थानीय लोग घायल हो गए थे. चार्जशीट के अनुसार, अब तक 80 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 79 अब भी फरार हैं. इस मामले में कुल 159 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटनास्थल से बरामद हथियार यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जर्मनी और चेकोस्लोवाकिया में निर्मित थे.
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया, "26 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के संबंध में अब तक कुल 12 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 6 मामलों में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है."
उन्होंने आगे बताया कि हिंसा के दौरान असामाजिक तत्वों ने एक थाना प्रभारी की निजी बाइक और सरकारी कार को जलाने की कोशिश की थी. बाइक को बचा लिया गया, लेकिन सरकारी कार पूरी तरह नष्ट हो गई. इस मामले में कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है.
अधिकारियों ने घटना स्थल से एक 09 एमएम पिस्तौल, तीन 32 एमएम पिस्तौल, एक 32 एमएम मैगजीन, एक 09 एमएम मैगजीन, तीन 12-बोर देशी बंदूकें, पांच जिंदा 09 एमएम कारतूस, एक जिंदा 315-बोर कारतूस, सात जिंदा 12-बोर कारतूस, एक जिंदा 22-बोर कारतूस और एक जिंदा 32-बोर कारतूस बरामद किया है.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एसआईटी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद पुलिस की सराहना की.
मौर्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह अच्छी बात है कि चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. पुलिस ने बहुत मेहनत की है... अपराधियों को पकड़ा गया है और यह बहुत ही सकारात्मक कदम है. पुलिस अपना कार्य इसी प्रकार जारी रखेगी..."