Who Is Aditya Singh? यूपी में न्यायिक फेरबदल के बाद आदित्य सिंह का ट्रांसफर, अब संभल में CJM की जिम्मेदारी आदित्य सिंह संभालेंगे; यहां जानें उनके बारे में

Who Is Aditya Singh? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 न्यायिक अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की है. इस सूची में सबसे चर्चा का विषय संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का स्थानांतरण है. सुधीर की जगह अब आदित्य सिंह संभल के नए CJM होंगे. आदित्य सिंह इससे पहले संभल के चंदौसी में ही सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात थे.

चर्चा में क्यों है विभांशु सुधीर का तबादला?

CJM विभांशु सुधीर का तबादला ऐसे समय में हुआ है जब उन्होंने हाल ही में संभल पुलिस को एक कड़ा निर्देश दिया था. 19 जनवरी को सुधीर ने संभल पुलिस को तत्कालीन सीओ (CO) अनुज चौधरी और एसएचओ (SHO) के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. यह भी पढ़े: VIDEO: घर की छत से निकल रही थी बिजली की तारें, बच्चियों ने लगाई थी DM से हटाने की गुहार, संभल में मासूमों की रिक्वेस्ट पर पिघला प्रशासन

यह आदेश नवंबर 2024 में संभल में हुई हिंसा के दौरान एक युवक को गोली लगने के मामले से जुड़ा था. कोर्ट ने पुलिस के उस दावे को संदिग्ध माना था जिसमें फायरिंग की घटना से इनकार किया गया था. अब विभांशु सुधीर को सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर भेजा गया है.

 संभल में CJM की जिम्मेदारी संभालेंगे आदित्य सिंह

कौन हैं नए CJM आदित्य सिंह?

संभल के नए CJM आदित्य सिंह एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं. वह उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण (Survey) का प्रारंभिक आदेश दिया था. यह आदेश उस याचिका के बाद आया था जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन मंदिर के स्थान पर किया गया है.

आदित्य सिंह ने 19 नवंबर, 2024 को सर्वेक्षण का आदेश दिया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा और बाद में हिंसा की घटनाएं हुईं. अब वे संभल की मुख्य न्यायिक अदालत की कमान संभालेंगे.

हाईकोर्ट का रुख और प्रशासनिक प्रक्रिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने स्पष्ट किया है कि ये तबादले नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं. 14 अधिकारियों की इस सूची में कई जिलों के CJM और अतिरिक्त जिला जज शामिल हैं. हाईकोर्ट का कहना है कि न्यायिक वितरण में संतुलन बनाए रखने और प्रशासनिक दक्षता के लिए समय-समय पर ऐसे फेरबदल किए जाते हैं.

संभल हिंसा के बारे में एक नजर

नवंबर 2024 में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान संभल में भारी हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी. इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट को इस विवाद से संबंधित कार्यवाही पर तब तक रोक लगाने का निर्देश दिया है जब तक कि हाईकोर्ट मस्जिद कमेटी की शिकायतों पर सुनवाई नहीं कर लेता. बताना चाहेंगे कि कोर्ट के आदेश्के बाद सभी 14 अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपने नए कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं.