राजस्थान: गर्भवती महिला को जनाना अस्पताल ने भर्ती करने से किया मना, नवजात बच्चे की हुई मौत, पति ने लगाया यह आरोप
राजस्थान के भरतपुर में स्थित जनाना अस्पताल में एक गर्भवती महिला को धर्म का हवाला देते हुए कथित तौर पर भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था, महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया, जिसका मौत हो गई. पीड़ित महिला के पति का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें जयपुर के एक अस्पताल में जाने को कहा, क्योंकि हम मुस्लिम हैं.
भरतपुर: देश में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी को भगाने के लिए सभी भारतीय एकजुट होकर उसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं कुछ ऐसी खबरे भी सामने आ रही हैं जो मन को दुखी करने के लिए काफी है. आमतौर पर अस्तालों (Hospitals) में बिना किसी भेदभाव के हर मरीज का इलाज किया जाता है, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) से जो खबर सामने आ रही है वो वाकई चौंकाने वाली है. बताया जा रहा है कि यहां एक अस्पताल ने कथित तौर पर गर्भवती महिला (Pregnant woman) का इलाज करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह मुस्लिम (Muslim) थी. न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के अनुसार, राजस्थान के भरतपुर में स्थित जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में एक गर्भवती महिला को धर्म का हवाला देते हुए कथित तौर पर भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था.
पीड़ित महिला के पति का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें जयपुर के एक अस्पताल में जाने को कहा, क्योंकि हम मुस्लिम हैं. पीड़िता के पति का कहना है कि अभी उन्होंने भरतपुर पार भी नहीं किया था कि उनकी पत्नी ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया और नवजात की मौत हो गई. जब इस बारे में जनाना अस्पताल के प्राचार्य डॉ. रूपेंद्र झा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे जांच के बाद इस मामले में कुछ कह पाएंगे. यह भी पढ़ें: तमिलनाडु: प्रसव पीड़ा में महिला को 6 किलोमीटर कंधे पर लेकर पैदल चले रिश्तेदार, देखें वायरल वीडियो
देखें ट्वीट-
Rajasthan: A pregnant woman was allegedly denied admission into Janana Hospital, Bharatpur citing her religion. Dr. Rupendra Jha, Principal, Janana Hospital, Bharatpur says, "I will able to say something once the investigation is done." pic.twitter.com/dqiIeiSWmf
— ANI (@ANI) April 5, 2020
गौरतलब है कि इस मामले में फिलहाल जांच का हवाला देते हुए अस्पताल के प्राचार्य अपना पल्ला झाड़ते नजर आए, लेकिन आमतौर पर धर्म के आधार पर कोई भी अस्पताल किसी मरीज को भर्ती करने या उसका इलाज करने से इनकार नहीं कर सकता है. फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2020 08:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

