सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वास जताया की उत्तर प्रदेश में भाजपा का कुशासन खत्म करेगी दिवाली
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वास जताया है कि यह दिवाली उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कुशासन का अंत करेगी. उन्होंने धनतेरस, दिवाली और गोवर्धन पूजा पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के त्योहार सद्भाव, शांति, आपसी सहयोग के महत्व पर रोशनी डालते हैं और प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं.
लखनऊ, 3 नवंबर: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विश्वास जताया है कि यह दिवाली उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार के कुशासन का अंत करेगी. उन्होंने धनतेरस, दिवाली और गोवर्धन पूजा पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के त्योहार सद्भाव, शांति, आपसी सहयोग के महत्व पर रोशनी डालते हैं और प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का ऐलान, कहा- नहीं लडेंगे विधानसभा चुनाव
उन्होंने कहा कि सभी भारतीय त्योहार शांति का संदेश देने और समाज और राष्ट्र को समृद्धि के प्रकाश की ओर ले जाने के संकल्प का अवसर हैं. सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की दोषपूर्ण नीतियों ने किसानों, बेरोजगार युवाओं और गरीबों को एक अंधकारमय भविष्य की ओर धकेल दिया है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दीवाली रोशनी का त्योहार है, जो लोगों के जीवन को रोशन करेगी और राज्य में कुशासन को समाप्त करेगी. अखिलेश यादव ने अधिकारियों की पोस्ट को स्थानांतरित करने और लोगों को गुमराह करने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा पर भी हमला किया.
उन्होंने कहा, "भाजपा अपने संकल्प पत्र (घोषणापत्र) में किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है जैसे किसानों की आय दोगुनी करना, बेरोजगार युवाओं को रोजगार और छात्रों को लैपटॉप देना. अब, वे यह मानने लगे हैं कि यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव वास्तव में 2024 में होने वाले चुनाव हैं और इसलिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं."उन्होंने कहा कि धान बिना बिके पड़े रहने से किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं. सरकार ने इसके लिए 1,940 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. नतीजतन, किसान बिचौलियों को अपनी उपज बहुत कम दरों पर बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं.
इस बीच, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार शाम को मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) उत्तर प्रदेश से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने में घोर विसंगतियों की ओर इशारा किया गया. प्रतिनिधिमंडल ने कुल नामों के तत्काल प्रकाशन और 16 जनवरी, 2020-21 और 31 अक्टूबर, 2020-21 के बीच मतदाता सूची में हटाए गए, जोड़े गए और बदलाव किए गए नामों की एक अलग सूची की मांग की. बाद में, सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा कि लगभग 16.42 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं या जोड़े गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2021 12:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

