फ्लोरिडा: पिज्जा डिलीवरी करने वाली लड़की ने गर्भवती महिला पर 14 बार चाकू से किया वार, 170 रुपये की टिप से नाखुश थी कर्मचारी

फ्लोरिडा: पिज्जा डिलीवरी का काम करने वाली 22 वर्षीय ब्रियाना अल्वेलो ने 170 रुपये ($2) की टिप से असंतुष्ट होकर गर्भवती महिला को चाकू से 14 बार वार कर दिया. यह घटना ओस्सियाला काउंटी के एक मोटल में घटी, जहां एक परिवार जन्मदिन मना रहा था. पुलिस ने बताया कि अल्वेलो अपने एक साथी के साथ वापस लौटी और इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया.

ओस्सियाला काउंटी शेरिफ ऑफिस ने अपने फेसबुक पोस्ट में बताया, "अल्वेलो एक अज्ञात पुरुष साथी के साथ पीड़िता के मोटल रूम में लौटी, जो हथियारबंद था. उन्होंने जबरन कमरे में घुसकर हमला किया. अल्वेलो के पास चाकू था और उसने पीड़िता पर कई वार किए. हमले के दौरान कमरे से कुछ सामान भी चुराए गए."

क्या हुआ था घटना के दौरान?

पीड़िता, उसका बॉयफ्रेंड और 5 साल की बेटी मोटल के कमरे में मौजूद थे. अल्वेलो ने 2800 रुपये ($33) का पिज्जा डिलीवर किया था लेकिन 4300 रुपये ($50) के बिल का छुट्टा न होने के कारण उसे सिर्फ 170 रुपये ($2) की टिप दी गई. इससे नाराज होकर अल्वेलो करीब 90 मिनट बाद अपने लाल टोयोटा कार में नकाबपोश साथी के साथ लौटी.

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि हमलावरों ने कमरे में जबरन प्रवेश किया. पीड़िता ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की लेकिन हमले में उसकी पीठ पर कई वार किए गए. जब उसने मदद के लिए फोन करने की कोशिश की, तो उसका फोन तोड़ दिया गया.

गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला

अल्वेलो ने पीड़िता पर 14 बार चाकू से हमला किया, जबकि उसका साथी भागने के लिए चिल्ला रहा था. पुलिस के आने से पहले हमलावर फरार हो गए. पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई. इलाज के दौरान उसे पता चला कि वह गर्भवती है.

अल्वेलो गिरफ्तार, साथी की तलाश जारी

अगले दिन पुलिस ने अल्वेलो को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसका साथी अभी भी फरार है. अल्वेलो पर हत्या के प्रयास, हथियार के साथ घर में घुसपैठ, हमला और अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उसे बिना जमानत जेल में रखा गया है.

कंपनी ने जताया दुख

मार्को पिज्जा, जहां अल्वेलो काम करती थी, ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. कंपनी ने एक बयान में कहा, "यह घटना हमारे लिए बेहद दुखद है. हम स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं. ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और हम इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं." यह घटना न केवल दिल दहला देने वाली है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा पर सवाल भी उठाती है.