कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार के दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों से बातचीत करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद हुई. इस दौरान छात्रों से बात करते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए. अगर हमारी सरकार सत्ता में आती है तो हम इन जवानों को शहीद का दर्जा (Status of Martyrs) देंगे. राहुल ने कहा केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया. 15-20 उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जबकि किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ.
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, वर्तमान में 'सारा काम 15-20 उद्योगपतियों के लिए ही किया जा रहा है. सोच स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा पर पैसा नहीं लगाना चाहती. सरकार चाहती है कि शिक्षा पर पैसा छात्र लगाएं और निजीकरण के जरिए इससे 15-20 उद्योगपतियों को ही मदद मिले. हमारा मानना है कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में मदद करनी चाहिए.' राहुल ने कहा, ''आज विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर एक संगठन की विचारधारा के लोग बैठाए जा रहे हैं. वो चाहते हैं कि हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली उनका औजार बन जाए.''
Congress President Rahul Gandhi during an interaction with university students in Delhi: Soldiers of paramilitary forces should get the status of martyrs, if our government comes to power they will get that status. pic.twitter.com/jNDQMbwboh
— ANI (@ANI) February 23, 2019
पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या देश में तेजी से फैल रही है. ''सरकार स्वीकार करने को तैयार ही नहीं है कि देश में बेरोजगारी समस्या है.'' क्या प्रधानमंत्री कभी इस तरह संवाद करते हैं? वो ऐसा नहीं करते.. मैं उनसे 50 बार कह चुका हूं कि राफेल, बेरोजगारी.. किसी भी विषय पर बहस कर लो. यह भी पढ़ें- राजस्थान से पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर बोला बड़ा हमला, कहा- हिसाब पूरा होगा, लड़ाई कश्मीर के लिए- कश्मीरियों से नहीं
Rahul Gandhi: Vice Chancellors these days are ideological people from an organisation.They're not concerned with global vision&feelings of students. They're only concerned with their own ideology&want to use India's education system as a weapon. It is an insult to students.#Delhi pic.twitter.com/LIEhUZ8LeB
— ANI (@ANI) February 23, 2019
देश के छात्रों को मदद की बात को लेकर उन्होंने कहा, ''शिक्षा को लेकर जब मैं कहता हूं कि सरकार को शिक्षा के लिए मदद करना चाहिए, तो इसका मतलब है कि बैंक कर्ज को आसान बनाना, छात्रवृत्ति, अधिक विश्वविद्यालयों को जोड़ना, नामांकन को आगे बढ़ाना. अगर आप इनके आंकड़ों को देखें, तो बीजेपी राज में इनमें गिरावट देखने को मिली है.''













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