Dularchand Yadav Murder in Mokama, Anant Singh Blames Surajbhan Singh: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले दौर की वोटिंग में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं. लेकिन ठीक इससे पहले, मोकामा में हुई एक हत्या ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है. मारे गए शख्स का नाम है दुलारचंद यादव, जो जनसुराज के समर्थक थे. इस मर्डर का आरोप सीधे तौर पर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों पर लगा है.
यह पूरा मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीति, गैंगवार और दशकों पुरानी दुश्मनी की एक लंबी कहानी है.
कौन थे दुलारचंद यादव?
दुलारचंद यादव का नाम मोकामा और टाल क्षेत्र के लिए नया नहीं था.
- लालू के करीबी: 80 और 90 के दशक में दुलारचंद यादव की इलाके में तूती बोलती थी. उनका दबदबा इतना था कि 90 के दशक में वह आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी और भरोसेमंद लोगों में गिने जाने लगे. लालू ने उन्हें मोकामा से विधानसभा चुनाव का टिकट भी दिया था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार मिली.
- आपराधिक इतिहास: दुलारचंद का एक लंबा आपराधिक इतिहास भी रहा है. पटना जिले के घोषबरी और बाढ़ थानों में उन पर कई मामले दर्ज हैं. साल 2019 में पटना पुलिस ने उन्हें एक 'कुख्यात बदमाश' बताकर गिरफ्तार भी किया था. टाल क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत मानी जाती थी.
- पहलवानी का शौक: दुलारचंद यादव पहलवानी का भी शौक रखते थे. उनका जन्म मोकामा के तारतर गांव में हुआ था, लेकिन फिलहाल वह बाढ़ में रह रहे थे.
अनंत सिंह से दोस्ती और फिर दुश्मनी
दिलचस्प बात यह है कि दुलारचंद यादव के रिश्ते कभी बाहुबली अनंत सिंह से भी बहुत अच्छे हुआ करते थे. वह अनंत सिंह का गुणगान करते थे. लेकिन इसी साल, दोनों के रिश्तों में दरार आ गई.
दुलारचंद यादव ने अनंत सिंह का साथ छोड़ दिया और जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी उर्फ लल्लू मुखिया के साथ जुड़ गए. वह लल्लू मुखिया के लिए जमकर प्रचार कर रहे थे. यही नहीं, वह पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर खुलकर अनंत सिंह के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे. इस वजह से दोनों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था.
दुलारचंद यादव की हत्या कैसे हुई ?
गुरुवार को दुलारचंद यादव लल्लू मुखिया के लिए ही प्रचार कर रहे थे. तभी मोकामा में उन पर हमला हुआ.
- आरोपों के मुताबिक, उन्हें पहले लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया.
- इसके बाद उन्हें गोली मार दी गई.
- मृतक के परिवार वालों का आरोप और भी गंभीर है. उनका कहना है कि जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले दुलारचंद के पैर में गोली मारी और फिर उन्हें अपनी कार से कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.
हत्या पर मचा सियासी बवाल और 'ब्लेम गेम'
यह हत्या चुनाव से ठीक पहले हुई है, इसलिए इस पर जबरदस्त राजनीतिक घमासान मच गया है.
1. अनंत सिंह का पलटवार: 'हत्या सूरजभान ने कराई' लल्लू मुखिया ने हत्या का आरोप अनंत सिंह के समर्थकों पर लगाया है. लेकिन अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. अनंत सिंह का कहना है कि वह अपने काफिले के साथ जा रहे थे, तभी दुलारचंद के लोगों ने उनके समर्थकों पर हमला कर दिया और पथराव किया. उनका दावा है कि इसी भगदड़ और भीड़ में किसी ने गोली चला दी.
अनंत सिंह ने इस हत्या का आरोप एक और बाहुबली नेता सूरजभान सिंह पर मढ़ दिया है. उन्होंने कहा, "ये पूरा खेला सूरजभान सिंह का है. उन्होंने ही दुलारचंद की हत्या कराई है ताकि चुनाव में मुझे नुकसान पहुंचाया जा सके."
2. गांव में भारी तनाव दुलारचंद की हत्या उनके गांव तारतर में हुई. घटना के बाद ग्रामीण इतने गुस्से में थे कि उन्होंने पांच घंटे तक पुलिस को शव नहीं उठाने दिया. हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.
3. तेजस्वी और पप्पू यादव ने सरकार को घेरा
- तेजस्वी यादव: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिहार में आचार संहिता (Code of Conduct) लगी हुई है, फिर भी लोग हथियार लेकर खुलेआम कैसे घूम रहे हैं.
- पप्पू यादव: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने बिना नाम लिए अनंत सिंह पर निशाना साधा और कहा, "हर बड़ी घटना में आखिर उनका ही नाम क्यों सामने आता है?" पप्पू यादव ने प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह असली अपराधियों को छोड़कर विपक्ष के लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो डर है कि कहीं सूरजभान सिंह की हत्या न हो जाए.
फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर ने मोकामा के चुनावी माहौल को बेहद गर्म और तनावपूर्ण बना दिया है.













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