Pappu Yadav’s Health Update: सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, बेहतर इलाज के लिए IGIMS से PMCH किए गए शिफ्ट
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Pappu Yadav’s Health Update: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. शनिवार सुबह पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) से उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) शिफ्ट कर दिया गया. सांसद के समर्थकों और निजी सचिव ने आरोप लगाया है कि आईजीआईएमएस में उन्हें पूरी रात स्ट्रेचर पर रखा गया और बेड तक मुहैया नहीं कराया गया.

पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने मंदिरी स्थित उनके आवास से 31 साल पुराने धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया था. यह भी पढ़े:  Pappu Yadav Arrested: पटना में देर रात हाई-वोल्टेज ड्रामा, 31 साल पुराने ज़मीन विवाद मामले में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार; VIDEO

पूरी रात स्ट्रेचर पर रहे सांसद

सांसद के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और उनके निजी सचिव के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच के लिए उन्हें आईजीआईएमएस ले जाया गया था. वहां उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. हालांकि, उनके सचिव ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि "इतने बड़े जनप्रतिनिधि को रात भर स्ट्रेचर पर ही समय गुजारना पड़ा, क्योंकि अस्पताल प्रशासन उन्हें बेड नहीं दे सका."

सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच शिफ्टिंग

शनिवार सुबह डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें पीएमसीएच के कैदी वार्ड (Prisoner Ward) या विशेष वार्ड में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पप्पू यादव को सांस लेने में तकलीफ और उच्च रक्तचाप (Hypertension) की शिकायत थी. पीएमसीएच में विशेषज्ञों की एक टीम उनकी सेहत की निगरानी कर रही है.

क्या है गिरफ्तारी की वजह?

पप्पू यादव की यह गिरफ्तारी 1995 के एक पुराने मामले (गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 140/95) में कोर्ट द्वारा जारी वारंट के आधार पर हुई है. पुलिस का कहना है कि:

  • अदालती वारंट: सांसद लंबे समय से इस मामले में कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके कारण एमपी-एलए कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था.

  • गंभीर धाराएं: यह मामला आईपीसी की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) और धोखाधड़ी से जुड़ा है.

  • पुलिस का पक्ष: पटना एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल अदालती आदेश का पालन कर रही है और इसमें कोई राजनीतिक विद्वेष नहीं है.

राजनीतिक साजिश का आरोप

वहीं, पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी को "राजनीतिक साजिश" करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि वह हाल ही में पटना में एक नीट (NEET) अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे, जिससे बौखलाकर सरकार ने उन्हें पुराने मामले में फंसाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "चाहे मुझे जेल भेज दो या फांसी दे दो, मैं जनता की आवाज उठाना बंद नहीं करूंगा."

अब सभी की नजरें कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. डॉक्टरों की हरी झंडी मिलने के बाद ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा.