पटना: बिहार सरकार ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों के आसपास मांस और मछली की खुली बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. सोमवार, 23 फरवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम जन स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी की खान-पान की आदतों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और शुद्धता की भावना को सुरक्षित करना है.
स्वच्छता और मानसिक विकास पर जोर
नगर विकास विभाग की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह निर्णय प्रबुद्ध वर्ग के साथ हुए 'जनकल्याण संवाद' में मिले सुझावों के आधार पर लिया गया है. विजय सिन्हा ने कहा, "स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से और बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति को रोकने के लिए स्कूलों और मंदिरों के पास मांस की खुली बिक्री को प्रतिबंधित किया जाएगा. खुले में इस तरह के व्यापार से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि लोगों की धार्मिक और सामाजिक संवेदनाएं भी आहत होती हैं." यह भी पढ़े: Meat Ban In UP For Kanwar Yatra 2023: योगी सरकार का फैसला, यूपी में कांवड़ यात्रा के मार्गो पर खुले में नहीं बिकेंगे मांस
बिहार सरकार का बड़ा फैसला
Bihar plans to ban meat & fish sales near schools, temples and crowded areas.
Deputy CM Vijay Kumar Sinha says move aims to curb roadside filth and hygiene risks, building on earlier order restricting sales to licensed enclosed shops. pic.twitter.com/NmFTGy1az4
— The News Drill™ (@thenewsdrill) February 23, 2026
नियमों का पालन और प्रशासनिक तैयारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित क्षेत्रों के बाहर मांस की बिक्री की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. उपमुख्यमंत्री के अनुसार, सामाजिक मेलजोल और शुद्धता की भावना का उल्लंघन न हो, इसके लिए विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सरकार का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ पर्यावरण प्रदूषित न हो और सार्वजनिक स्थानों पर चलने वाले राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
'सात निश्चय-3' के तहत बदली रणनीति
यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'सात निश्चय-3' (2025-30) कार्यक्रम का हिस्सा है. मुख्यमंत्री ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'सबका सम्मान-जीवन आसान' (Ease of Living) के संकल्प को दोहराया था. उन्होंने पैदल चलने वालों की गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन और नगर विकास विभाग को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं.
बढ़ते शहरीकरण और राहगीरों के अधिकार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुसार, राज्य में आय बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जिससे पैदल चलने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सरकार का मानना है कि सुरक्षित और सम्मान के साथ सड़क पर चलना नागरिकों का पहला अधिकार है. मांस-मछली की खुली बिक्री पर प्रतिबंध भी इसी 'ईज ऑफ लिविंग' विजन का एक हिस्सा है, ताकि सार्वजनिक सड़कों और बाजारों में पैदल चलने वालों के लिए अनुभव सुगम और स्वच्छ बना रहे.












QuickLY