Samrat Chaudhary Oath Ceremony: बिहार में आज से नए युग की शुरुआत, सम्राट चौधरी लेंगे सीएम पद की शपथ, JDU से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बनेंगे उपमुख्यमंत्री
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Samrat Chaudhary Oath Ceremony:  बिहार की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी आज सुबह 10:30 बजे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. यह राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि बिहार में पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री का पद संभाल रहा है. पटना स्थित राजभवन में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

विजय चौधरी-बिजेंद्र यादव बनेंगे उपमुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के दो प्रमुख अनुभवी नेताओं-विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव-उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. एनडीए गठबंधन के बीच बेहतर तालमेल और राज्य सरकार के सुचारू संचालन के लिए इन दोनों नेताओं को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. गौरतलब है कि शुरुआती चर्चाओं में केवल विजय कुमार चौधरी का नाम सामने आया था, लेकिन अंतिम मंत्रणा के बाद अनुभवी बिजेंद्र प्रसाद यादव को भी उपमुख्यमंत्री पद के लिए शामिल किया गया है.  यह भी पढ़े: Who is Samrat Chaudhary: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी ने सौंपी प्रदेश की कमान, जानें उनके राजनीतिक सफर के बारे में

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ बड़ा बदलाव

यह बड़ा राजनीतिक परिवर्तन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ है। नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे दो दशकों से चले आ रहे उनके लंबे कार्यकाल का एक अध्याय समाप्त हुआ है. इससे पूर्व, मंगलवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

राजभवन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए लोकभवन और राजभवन के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. आयोजन को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है. एहतियात के तौर पर लोकभवन की ओर जाने वाली सड़कों पर आम नागरिकों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है। शपथ ग्रहण के बाद नई सरकार के सामने राज्य में विकास कार्यों को गति देने और शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्राथमिक चुनौती होगी।