PM Kisan Yojana Update: केंद्र सरकार की सबसे बड़ी और प्रभावी कृषि कल्याण योजनाओं में से एक 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-Kisan) देश के किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुकी है. मार्च 2026 में योजना की 22वीं किस्त जारी होने के बाद अब देशभर के करोड़ों लाभार्थी किसान 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. यह योजना न केवल किसानों को सीधे वित्तीय सहायता पहुंचा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही है. आइए जानते हैं इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक के सफर और अगली किस्त से जुड़ी पूरी डिटेल.
कब शुरू हुई थी पीएम किसान योजना?
पीएम किसान योजना की औपचारिक शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से की गई थी. हालांकि, इस योजना को आधिकारिक तौर पर 1 दिसंबर 2018 से ही प्रभावी माना गया था. शुरुआत में यह योजना केवल छोटे और सीमांत किसानों (जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि थी) के लिए लागू की गई थी. लेकिन बाद में, 1 जून 2019 को सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए देश के सभी भूमिधारक किसान परिवारों को इसमें शामिल कर लिया.
अब तक कितने किसानों को मिला लाभ?
पिछले सात वर्षों में यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में शामिल हो चुकी है.
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शुरुआती चरण: योजना के शुरुआती दौर में लाभार्थियों की संख्या करीब 3.16 करोड़ थी.
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वर्तमान स्थिति: मार्च 2026 में जारी की गई 22वीं किस्त के तहत देश के 9.32 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में सीधे ₹18,640 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई.
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कुल वितरित राशि: सरकार अब तक इस योजना के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों के खातों में कुल मिलाकर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि सीधे भेज चुकी है.
कब आ सकती है 23वीं किस्त?
योजना के तहत हर चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की किस्त जारी की जाती है. वर्ष 2026 की पहली किस्त (22वीं किस्त) मार्च के मध्य में जारी की गई थी. इस वित्तीय चक्र के अनुसार, आगामी 23वीं किस्त जून के अंतिम सप्ताह से लेकर जुलाई 2026 के बीच जारी होने की पूरी उम्मीद है. हालांकि, आधिकारिक तारीख की घोषणा कृषि मंत्रालय द्वारा जून के महीने में की जा सकती है.
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता मानदंड)
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आवेदक भारत का नागरिक और पेशे से किसान होना चाहिए.
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किसान के नाम पर कृषि योग्य भूमि (Landholding) राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होनी चाहिए.
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लघु, सीमांत और बड़े सभी वर्ग के भूमिधारक किसान इसके पात्र हैं, बशर्ते वे सरकारी नौकरी या आयकर के दायरे में न आते हों.
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
नए किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
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ऑनलाइन आवेदन: किसानों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाना होगा. वहां 'Farmers Corner' में जाकर 'New Farmer Registration' पर क्लिक करना होता है. इसके बाद आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य का चयन कर ओटीपी के जरिए फॉर्म भरा जा सकता है, जहां जमीन के दस्तावेज (खतौनी) अपलोड करने होते हैं.
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ऑफलाइन आवेदन: किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वसुधा केंद्र पर जाकर भी आवेदन करवा सकते हैं. इसके अलावा अपने क्षेत्र के लेखपाल या राजस्व अधिकारी से संपर्क करके भी पंजीकरण कराया जा सकता है.
इन गलतियों के कारण रुक सकती है किस्त
सरकार ने योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. अगर किसी किसान का भू-सत्यापन (Land Seeding) नहीं हुआ है, या बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो उनकी किस्त रोकी जा सकती है. इसके अलावा, सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है, जिसे वेबसाइट या सीएससी केंद्र के जरिए किया जा सकता है.













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